दौसा का ‘पढ़ाई विथ एआई’ अब राष्ट्रीय मॉडल, 50 ब्लॉकों में होगी शुरुआत
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दौसा में विद्यार्थियों के लिए शुरू किया गया ‘पढ़ाई विथ एआई’ नवाचार अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच रहा है। 488 सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के जुड़ने के बाद अब इसे देश के 50 ब्लॉकों में लागू किया जाएगा।
29 सितम्बर, दौसा। दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए गणित को आसान बनाने के उद्देश्य से दौसा में शुरू किया गया ‘पढ़ाई विथ एआई’ नवाचार अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच रहा है। जिला प्रशासन की इस पहल को नीति आयोग की ओर से सराहना मिली है और अब इसे देश के 50 ब्लॉकों में शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है।
दौसा जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने बताया कि दौसा और टोंक के अलावा राजस्थान के अन्य जिलों में भी इस नवाचार को लागू किया जा रहा है। पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को गणित समझने में मदद करना और दसवीं के बाद विज्ञान एवं गणित जैसे विषयों को चुनने के लिए उनका आत्मविश्वास बढ़ाना है। जिला कलक्टर के मुताबिक, स्कूलों के निरीक्षण के दौरान अक्सर दसवीं कक्षा के विद्यार्थी अपने भविष्य के बड़े सपने बताते हैं।
कोई रॉकेट बनाना चाहता है, कोई डॉक्टर या इंजीनियर बनने की इच्छा रखता है तो कोई खेती में नई तकनीक विकसित करने की बात करता है। लेकिन दसवीं के बाद विज्ञान और गणित लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम हो जाती है। प्रशासन के अनुसार, गणित में कम अंक आने और विषय को समझने में कठिनाई के कारण कई विद्यार्थियों का आत्मविश्वास प्रभावित होता है।
कई ग्रामीण और सरकारी स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता भी एक चुनौती रहती है। ऐसे में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने और इस अंतर को कम करने के उद्देश्य से ‘पढ़ाई विथ एआई’ पोर्टल तैयार किया गया।
पोर्टल में गणित के विभिन्न अध्याय शामिल किए गए हैं। इसकी खासियत यह है कि एआई विद्यार्थियों की जरूरत और समझ के स्तर के अनुसार अलग-अलग उदाहरण उपलब्ध कराता है। विद्यार्थी जब तक किसी सवाल या अवधारणा को समझ नहीं लेता, तब तक उसे अलग-अलग उदाहरण और समाधान उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इसके बाद विद्यार्थी के स्तर के अनुसार प्रश्नपत्र तैयार किया जाता है।
विद्यार्थी प्रश्नपत्र हल करके अपनी तैयारी का स्तर देख सकता है और जरूरत के अनुसार किसी भी अध्याय का प्रश्नपत्र दोबारा तैयार कर अभ्यास कर सकता है। प्रश्नपत्र तैयार करने की सुविधा केवल गणित तक सीमित नहीं है। अन्य विषयों के लिए भी इस तरह के प्रश्नपत्र तैयार किए जा सकते हैं।
शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों में हर सप्ताह टेस्ट आयोजित किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों के टेस्ट स्कोर पोर्टल पर दर्ज किए जाते हैं, जिससे उनके प्रदर्शन को ट्रैक किया जा सके। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों की फोटो पोर्टल के लॉगिन पेज पर प्रदर्शित की जाती है, ताकि उनका उत्साह और मनोबल बढ़ाया जा सके।
आने वाले समय में टॉपर्स को जिला स्तर पर सम्मानित करने की भी योजना है। पोर्टल पर विद्यार्थी स्वयं लॉगिन कर सकते हैं। वहीं शिक्षक और संबंधित अधिकारी भी विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और प्रदर्शन को देख सकते हैं। पहल की नियमित समीक्षा के लिए हर महीने बैठक आयोजित करने की व्यवस्था भी की गई है।
जिला प्रशासन के अनुसार, दौसा में अब तक 488 सरकारी स्कूलों के 13,551 विद्यार्थी इस पोर्टल से जुड़ चुके हैं। विद्यार्थियों की सहायता के लिए 11 मास्टर ट्रेनर लगाए गए हैं। जहां कंप्यूटर लैब और स्मार्ट बोर्ड की सुविधा उपलब्ध है, वहां विशेषज्ञ पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाने में मदद कर रहे हैं। विद्यार्थी पढ़ाई के दौरान अपने सवाल भी पूछ सकते हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि बोर्ड परीक्षा से करीब दो महीने पहले विद्यार्थियों का पूरा गणित पाठ्यक्रम पूरा हो जाए, ताकि उन्हें परीक्षा से पहले पर्याप्त समय अभ्यास और पुनरावृत्ति के लिए मिल सके।
डॉ. सौम्या झा के मुताबिक, कुछ समय पहले वित्त मंत्री और आईटी मंत्री की मौजूदगी में नीति आयोग के टेक्नोलॉजी सिस्टम का उद्घाटन किया गया था, जिसमें ‘पढ़ाई विथ एआई’ पहल को भी शामिल किया गया। इससे दौसा में शुरू हुआ यह स्थानीय शैक्षणिक प्रयोग अब अन्य क्षेत्रों तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
देश के 50 ब्लॉकों में इसे शुरू किए जाने से स्थानीय स्तर पर विकसित इस तकनीकी पहल को व्यापक स्तर पर इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा। दौसा में पिछले वर्ष दसवीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 94.70 प्रतिशत रहा था और जिला प्रदेश में 15वें स्थान पर रहा। अब प्रशासन का प्रयास है कि तकनीक के जरिए विद्यार्थियों की विषय समझ, नियमित अभ्यास और परीक्षा की तैयारी को और बेहतर किया जाए।
‘पढ़ाई विथ एआई’ से जुड़े विद्यार्थियों के लिए यह पहल खासतौर पर गणित के अभ्यास का अतिरिक्त माध्यम बन रही है। अलग-अलग स्तर के प्रश्नों और बार-बार अभ्यास की सुविधा से विद्यार्थी अपनी कमजोरियों को पहचानकर उन पर काम कर सकते हैं। दौसा से शुरू हुआ यह प्रयोग अब जिले की सीमाओं से बाहर निकलकर दूसरे जिलों और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच रहा है। इसका अगला चरण 50 ब्लॉकों में लागू किया जाना है।
बाइट-1: डॉ. सौम्या झा, जिला कलेक्टर, दौसा
बाइट-2: विद्यार्थी — ‘पढ़ाई विथ एआई’ के अनुभव पर
💡 पृष्ठभूमि (Background)
‘पढ़ाई विथ एआई’ एक शैक्षिक नवाचार है जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके विद्यार्थियों को गणित सिखाया जाता है। यह कार्यक्रम दौसा के सरकारी स्कूलों में शुरू हुआ और अब इसे 50 ब्लॉकों में लागू किया जाएगा। इस पहल का महत्व यह है कि यह शिक्षा में तकनीक के समावेश को बढ़ावा देती है और विद्यार्थियों को जटिल विषयों को सरल तरीके से समझने में मदद करती है। यदि यह सफल रहा, तो इससे पूरे देश में सीखने की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है और शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन को तेज किया जा सकता है।