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दौसा में पांच राज्यों के शिक्षाविदों ने देखी भारतीय शिक्षा पद्धति

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 30 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
दौसा में पांच राज्यों के शिक्षाविदों ने देखी भारतीय शिक्षा पद्धति

आदर्श विद्या मंदिर बालिका विद्यालय में शिक्षाविदों ने कक्षा शिक्षण, प्रयोगशाला, कला-संगीत और खेल गतिविधियों का किया अवलोकन। NEP-2020 की अनुभवात्मक शिक्षा को बताया अनुकरणीय मॉडल।

30 सितम्बर, दौसा। आदर्श विद्या मंदिर बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, दौसा में बुधवार को देश के पांच राज्यों से आए शिक्षाविदों ने भारतीय शिक्षा पद्धति और विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया। यह आयोजन विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान की ओर से NCERT, नई दिल्ली और IUCTE, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित चार दिवसीय अनुभवात्मक अध्यापक विकास कार्यक्रम के तहत किया गया।

कार्यक्रम में राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु से आए शिक्षाविद शामिल हुए। विद्यालय पहुंचने पर प्रबंध समिति के पदाधिकारियों, विद्यार्थियों और आचार्य परिवार ने अतिथियों का तिलक लगाकर स्वागत किया।

शिक्षाविदों ने विद्यालय की वंदना सभा में भाग लिया। इसके बाद कक्षा अवलोकन सत्र में उन्होंने शिक्षण विधियों और गतिविधि आधारित शिक्षा को करीब से समझा। इस दौरान विज्ञान प्रयोगशाला, संगीत कक्ष, कला कक्ष, क्रीड़ांगन सहित विद्यालय की अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया।

प्रतिभागियों ने छात्राओं से संवाद कर उनकी सीखने की प्रक्रिया और शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। विद्यालय अवकाश के बाद शिक्षाविदों ने अभिभावकों से भी बातचीत की और छात्राओं के संस्कार, शैक्षिक प्रगति तथा सर्वांगीण विकास से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए।

शिक्षाविदों ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में जिस अनुभवात्मक शिक्षा की अवधारणा पर जोर दिया गया है, विद्या भारती के विद्यालयों में ऐसी पद्धतियों का लंबे समय से प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने विद्यालय में अपनाई जा रही गतिविधि आधारित शिक्षण प्रक्रिया को देश के लिए अनुकरणीय मॉडल बताया।

बाइट: शिक्षाविद

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।