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दावा-भारतीय पब्लिशर ने सोनिया की किताब छापने से मना किया:पेंगुइन इंडिया ड्राफ्ट में बदलाव कराना चाहता था, लेखक राजी नहीं हुए

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 28 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
दावा-भारतीय पब्लिशर ने सोनिया की किताब छापने से मना किया:पेंगुइन इंडिया ड्राफ्ट में बदलाव कराना चाहता था, लेखक राजी नहीं हुए

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (PRHI) कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की संस्मरण किताब ‘बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ भारत में प्रकाशित नहीं करेगा। यह जानकारी द इंडियन एक्सप्रेस को मिली है। एक्सप्रेस के मुताबिक, PRHI ने किताब के एक हिस्से में कुछ “एडिटोरियल बदलाव और हिस्से हटाने” की मांग की थी।

लेकिन लेखकों ने इस मांग को ठुकरा दिया। पेंगुइन इंडिया के इस प्रोजेक्ट से बाहर होने के बाद हार्पर कॉलिन्स भारत में किताब के प्रकाशन का काम मिल सकता है। पहले इस किताब को 10 नवंबर को प्रकाशित होना था। किताब में सोनिया अपने राजनीति में सफर और 2004 में प्रधानमंत्री पद स्वीकार नहीं करने के फैसले से जुड़े अनुभव बताएंगी।

इसमें नेहरू-गांधी परिवार में शादी और परिवार में हुई हत्याओं के बाद बदली जिंदगी के बारे में लिखा है। पहली प्रिंट में 1 लाख किताबें पब्लिश होनी थी पहले किताब के अमेरिकी पब्लिशर नॉफ ने कहा था कि किताब की पहली प्रिंट रन 1 लाख प्रतियों की होगी।

द इंडियन एक्सप्रेस ने नॉफ और सोनिया गांधी के एजेंट डेविड गॉडविन से सवाल भेजकर प्रतिक्रिया मांगी, लेकिन दोनों ने टिप्पणी नहीं दी। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के सीईओ गौरव श्रीनागेश से सोनिया गांधी की पांडुलिपि में मांगे गए “बदलाव और हिस्से हटाने” के बारे में पूछा गया था। वे भी टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे।

सोनिया गांधी ने कहा- परिवार पर बहुत कुछ लिखा गया सोनिया गांधी इससे पहले दूसरी किताबें लिख और एडिट कर चुकी हैं। हालांकि, इस किताब पर काम कर चुके लोगों के मुताबिक, यह उनकी जिंदगी का सबसे निजी और सबसे विस्तृत लेखा-जोखा है। नॉफ की रिलीज में सोनिया गांधी का बयान भी छपा था।

सोनिया पहले लिख चुकी हैं 4 किताबें… राजीव (1992): राजीव गांधी के जीवन, पारिवारिक पलों, राजनीति और हत्या तक के सफर पर सोनिया गांधी का निजी संस्मरण। राजीव्स वर्ल्ड (1995): राजीव गांधी द्वारा खुद खींची गई दुर्लभ तस्वीरों का संग्रह, जिसे सोनिया गांधी ने संकलित किया।

फ्रीडम'स डॉटर (1989): 1922 से 1939 के बीच जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के पत्रों का संकलन, जिसका संपादन सोनिया ने किया। टू अलोन, टू टूगेदर (1992/2004): नेहरू और इंदिरा के बीच 1922 से 1964 तक के ऐतिहासिक व निजी पत्राचार का संपादित संग्रह।

पेंगुइन पहले भी दो किताबों को लेकर चर्चा में रहा इस साल की शुरुआत में PRHI ने बयान ज

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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