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दिल्ली हाईकोर्ट ने JNU प्रोफेसर की बर्खास्तगी पर रोक लगाई:अंगोमचा बिमोल मणिपुर से कांग्रेस सांसद भी, 11 छात्राओं के यौन शोषण का आरोप

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 2 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
दिल्ली हाईकोर्ट ने JNU प्रोफेसर की बर्खास्तगी पर रोक लगाई:अंगोमचा बिमोल मणिपुर से कांग्रेस सांसद भी, 11 छात्राओं के यौन शोषण का आरोप

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कांग्रेस सांसद और JNU प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजाम की बर्खास्तगी पर रोक लगा दी। जस्टिस अनुप जे.

भंभानी ने अकोइजाम की याचिका पर विश्वविद्यालय को नोटिस जारी किया। अकोइजाम ने बर्खास्तगी के आदेश को चुनौती दी थी। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई जनवरी में तय की है। अकोइजाम इनर मणिपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद हैं। वह JNU के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज में प्रोफेसर थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मई में कम से कम 11 छात्राओं ने प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई थीं।

9 अक्टूबर को JNU ने इंटरनल जांच में दोषी मानकर उन्हें बर्खास्त कर दिया था। अकोइजाम का दावा- जांच पूरी होने का मेल मिला, रिपोर्ट नहीं अकोइजाम ने कहा था कि उन्हें 9 अक्टूबर को JNU की इंटरनल कमेटी (IC) की ओर से ईमेल मिला था। इसमें कहा गया था कि यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच पूरी हो गई है।

उन्होंने कहा कि कमेटी को अपने निष्कर्षों और सिफारिशों वाली रिपोर्ट देनी थी, लेकिन उन्हें यह रिपोर्ट नहीं मिली। सांसद ने दावा किया कि जांच रिपोर्ट शिकायतकर्ता और जवाब देने वाले पक्ष, दोनों को दी जानी चाहिए थी। उनके मुताबिक, रिपोर्ट मिलने के बाद दोनों पक्षों को असहमति जताने और अपील करने के लिए 30 दिन का समय मिलता है।

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट नहीं मिलने से उनके कानूनी अधिकार प्रभावित हुए। अकोइजाम के मुताबिक, 9 अक्टूबर को जांच पूरी होने की जानकारी मिलने के कुछ ही घंटों के भीतर JNU के वाइस चांसलर ने उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया। उन्होंने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश और राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई बताया।

गोपनीयता नियम तोड़ने का आरोप कांग्रेस नेता ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर कानून के तहत गोपनीयता नियम तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनका नाम समय से पहले लीक किया गया, ताकि लोगों में उनके खिलाफ माहौल बनाया जा सके। सांसद ने मीडिया ट्रायल का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मीडिया में मुकदमा चलाया गया और देश में, खासकर मुख्य भूमि पर, हर कोई इसे सही मान रहा है।” 11 छात्राओं ने लगाए थे आरोप, FIR दर्ज JNU प्रशासन ने अकोइजाम के खिलाफ यौन उत्पीड़न से बचाव के ढांचे के तहत कार्रवाई शुरू की थी।

अकोइजाम जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के सेंटर फॉर

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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