दिल्ली में वोटर लिस्ट से कटे 47 लाख नाम? योगेंद्र यादव प्रदर्शन, ECI ने क्या बताया
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
देश के कई हिस्सों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन हो चुका है. विपक्ष ने एसआईआर के मामले पर केंद्र सरकार की मुश्किलें बढ़ा दीं.
इस बीच दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने शुक्रवार को बताया कि 31 अगस्त से 22 अक्टूबर के बीच राजधानी में 'फॉर्म 6' के केवल 2,50,000 आवेदन प्राप्त हुए.
इनमें सबसे ज्यादा फॉर्म पश्चिमी दिल्ली से मिले, जबकि नई दिल्ली से सबसे कम आवेदन आए.
CEO कार्यालय ने बताया कि 22 अक्टूबर तक फॉर्म 6 के 250,754 आवेदन प्राप्त हुए.
इस संख्या में नए मतदाता और SIR के तहत हटाए गए दोनों मतदाता शामिल हैं.
इसके अलावा 31 अगस्त को ड्राफ्ट रोल जारी होने से पहले फॉर्म 6 के 212,400 आवेदन प्राप्त हुए थे.
चुनाव आयोग ने क्या बताया
CEO कार्यालय के मुताबिक जिन 33 लाख लोगों को चिह्नित किया गया था, उनमें से लगभग 29 लाख 95 हजार मामलों का समाधान कर लिया गया है.
ये लोग अंतिम मतदाता सूची का हिस्सा बने रहेंगे, जब तक कि कोई व्यक्ति 'फॉर्म 7' भरकर इन्हें सूची में शामिल करने पर आपत्ति न जताए या इन्हें हटाने की मांग न करे. ऐसी स्थिति में फिर से मामलों की जांच की जाएगी.
इस अवधि में वो समय भी शामिल है, जब चुनाव आयोग ने मतदाताओं को वापस मतदाता सूची में शामिल करने को लेकर पूरे देश में विशेष शिविर लगाने की घोषणा की थी.
CEO कार्यालय ने बताया कि पहला विशेष शिविर 20 सितंबर को दिल्ली में आयोजित किया गया था और तब से अब तक अधिकारियों ने ऐसे लगभग 89,000 शिविर आयोजित किए हैं.
CEO कार्यालय के अनुसार, 20 सितंबर से 22 अक्टूबर के बीच फॉर्म 6 के कुल 158,470 आवेदन प्राप्त हुए हैं. 4 दिसंबर को अंतिम फाइनल रोल प्रकाशित होने से पहले सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा 30 नवंबर तक कर दिया जाएगा.
फॉर्म 6 भरने की अपील चुनाव आयोग ने उन लोगों से भी फॉर्म 6 भरने की अपील की है, जिनके नाम SIR प्रक्रिया के दौरान सूची से हटा दिए गए थे, ताकि वे फिर से मतदाता सूची में शामिल हो सकें.
इस अवधि के दौरान दिल्ली के पश्चिमी जिले (जिसमें त
📡 स्रोत: ABP Live