देश में चीनी किल्लत है या नहीं, बढ़ती कीमतों पर कब लगेगा ब्रेक? ISMA ने बताया

भारत में त्यौहारों का मौसम आ गया है, लेकिन इस बार जनता थोड़ी निराश है. क्योंकि हाल ही में चीनी के दामों में इतनी तेजी से इजाफा हुआ है कि त्यौहारों की मिठास मायूसी में बदल गई. लेकिन एक बात साफ है कि देश में चीनी के दाम बढ़े हैं लेकिन इसकी किल्लत नहीं है.
ये बात खुद चीनी मिलों के संगठन इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) ने बताई है. दरअसल हाल ही में ISMA ने एक प्रेस कॉन्प्रेंस की है, जिसमें उन्होंने बताया है कि देश में चीनी की कमी नहीं है. बाजार में चीनी के दाम अगले 7 से 10 दिनों में कम हो सकते हैं.
सरकार की ओर से हाल में उठाए गए कदमों और नई चीनी का इम्पोर्ट बढ़ने से कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है.
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इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ISMA के अध्यक्ष नीरज शिरगांवकर ने कहा कि, 'हाल में चीनी महंगी होने की कई वजहें हैं.
इनमें व्यापारियों और बड़े खरीदारों की ज्यादा खरीद, खराब मौसम के कारण प्रोडक्शन में कमी और बाजार में सट्टेबाजी शामिल है. चीनी मिलों ने जानबूझकर कृत्रिम कमी पैदा नहीं की है. अक्टूबर में बढ़ेगा चीनी का उत्पादन
सरकार ने चीनी मिलों को इस साल गन्ने की पेराई सामान्य समय से पहले शुरू करने को कहा है. आमतौर पर पेराई नवंबर की शुरुआत में शुरू होती है, लेकिन इस बार इसे 10-15 दिन पहले यानी 15 अक्टूबर के आसपास शुरू किया जा सकता है. ISMA के मुताबिक, इससे अक्टूबर में करीब 10 लाख टन चीनी का उत्पादन हो सकता है.
आमतौर पर अक्टूबर में केवल 4-5 लाख टन चीनी बनती है. इतना ही नहीं बल्कि तमिलनाडु और कर्नाटक में कुछ जगहों पर ज्यादा पेराई भी चल रही है. इससे बाजार
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar