देश उन नेताओं को चलाना चाहिए, जिन्होंने परिवार छोड़ा:प्रयागराज में सुदेश बेरी ने कहा- मंत्रियों संसद खाली करो, सांस छोड़कर सब चीज पर टैक्स
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →देश सिर्फ उन नेताओं को चलाना चाहिए, जिन्होंने देश के लिए परिवार छोड़ा है, जैसे नरेंद्र मोदी, योगी आदित्यनाथ, अमित शाह और अजीत डोभाल। जो परिवार से बंधा है, वह देश के लिए कड़े फैसले नहीं ले सकता। हमारे लिए हमेशा कंट्री फर्स्ट (देश पहले) होना चाहिए। ये बातें प्रयागराज की ऐतिहासिक पथरचट्टी रामलीला में मेघनाद का किरदार निभाने पहुंचे अभिनेता सुदेश बेरी ने कहीं।
उन्होंने देश की मौजूदा व्यवस्था, राजनीति, सोशल मीडिया और सिनेमा की गिरती गुणवत्ता पर बयान दिया। उन्होंने सांसदों-मंत्रियों को हटाने, केवल देशप्रेमी नेताओं को सत्ता सौंपने और देश में हर तरह के टैक्स को पूरी तरह खत्म करने की बात कही। दैनिक भास्कर से बातचीत में सुदेश बेरी ने कहा - देश में पैदा होने वाले हर नागरिक को टैक्स से पूरी तरह मुक्त कर दिया जाना चाहिए।
उन्होंने जीएसटी जैसे करों पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार ने सिर्फ सांस लेने पर टैक्स नहीं लगाया है। राजनीतिक व्यवस्था पर बात करते हुए उन्होंने कहा, सारे मंत्रियों और पूरी संसद को खाली कर देना चाहिए। सनातन धर्म और आस्था पर विचार सुदेश बेरी ने धर्म को किसी संप्रदाय या वेशभूषा तक सीमित रखने का विरोध किया।
उन्होंने कहा कि सनातन कोई धर्म या मजहब नहीं, बल्कि पूरे विश्व के जीने की एक प्राकृतिक व्यवस्था, संस्कार और इंसानियत है। उन्होंने रामलीलाओं में बाह्य आडंबरों और अंधविश्वास पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि लोग असली विचार और भावना को भूलकर केवल दिखावे में उलझ गए हैं। 'अब दूध में पानी नहीं, पानी में दूध है' सिनेमा और अभिनय के गिरते स्तर पर पूछे गए सवाल पर सुदेश बेरी ने कटाक्ष करते हुए कहा, पहले दूध में पानी मिलाया जाता था, अब तो सीधे पानी में थोड़ा दूध डाला जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी कंपनियां टूथपेस्ट और ब्लेड जैसी बुनियादी चीजों से देश का पैसा बाहर ले जा रही हैं और सोशल मीडिया समाज को गुलाम बनाने का जरिया बन चुका है, जिसे उन्होंने 'एंटी-सोशल मीडिया' करार दिया। मेघनाद का किरदार प्रयागराज की रामलीला में अपनी तैयारी को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी किरदार में पूरी तरह 'क्लीन स्लेट' होकर जाते हैं।
उन्होंने कहा कि मैंने मेघनाद को देखा नहीं है। निर्देशक जो कपड़े पहनाते हैं और जो संवाद देते हैं उस दिन वही मेघनाद बन जाता हूं। बातचीत के अंत में सिनेमा को फिर से जीवंत करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर वे सब मिलकर उन्हें 2-2 करोड़ रुपये दें, तो वे मनोज कुमार, वी शांताराम और राज कपूर की तरह खुद फिल्म लिखकर, प्रोड्यूस और डायरेक्ट करके दिखाएंगे।
कौन हैं सुदेश बेरी सुदेश बेरी एक प्रसिद्ध भारतीय फिल्म और टेलीविजन अभिनेता हैं। वे मुख्य रूप से हिंदी सिनेमा और लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों में अपने मजबूत और शानदार अभिनय के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने 1988 में फिल्म 'खतरों के खिलाड़ी' से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके अलावा उन्होंने 'वंश' (1992), 'युद्धपथ' (1992), 'घायल' (1990), 'बॉर्डर' (1997), 'रिफ्यूजी' (2000), 'एलओसी कारगिल' (2003) और 'टैंगो चार्ली' (2005) जैसी फिल्मों में काम किया है।
📡 स्रोत: NewsData.io