देसूला से देश तक पहुंचा बीमा अभियान
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अलवर के देसूला गांव से शुरू हुआ संपूर्ण बीमा अभियान अब व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। ‘नारी शक्ति सुरक्षित परिवार’ अभियान के तहत 1 जनवरी 2027 तक 100 गांवों को पूर्ण बीमा-सुरक्षित बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
अलवर, 25 सितम्बर। अलवर जिले के देसूला गांव से शुरू हुई संपूर्ण गांव को बीमा-सुरक्षा से जोड़ने की पहल अब व्यापक अभियान का रूप ले रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबको बीमा अभियान-2047’ के तहत शुक्रवार को अलवर जिले में ‘नारी शक्ति सुरक्षित परिवार एक आंदोलन’ जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान को ‘देसूला से देश तक’ नाम दिया गया है।
अभियान के तहत महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है। महिलाओं को परिवार की सुरक्षा और बीमा योजनाओं से जोड़कर अधिक से अधिक परिवारों को बीमा कवरेज उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। बीमा अधिकारियों के अनुसार, नारी शक्ति को अभियान से जोड़ने का एक प्रमुख कारण आगामी दुर्गा नवरात्रि पर्व भी है।
जिला स्तर पर अभियान की शुरुआत अलवर कलेक्ट्रेट से की गई, जबकि उपखंड स्तर पर संबंधित उपखंड कार्यालयों के माध्यम से कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला ने अभियान की शुरुआत करते हुए 1 जनवरी 2027 तक अलवर जिले के 100 गांवों के परिवारों को पूर्ण बीमा सुरक्षा से जोड़ने का लक्ष्य रखा।
जिला कलेक्टर ने कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में महिलाओं और परिवारों को बीमा योजनाओं के प्रति जागरूक करें तथा पात्र परिवारों को बीमा सुरक्षा से जोड़ने में सहयोग करें। अभियान का उद्देश्य अलवर को बीमा-सुरक्षा के क्षेत्र में एक मॉडल जिला बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है।
राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग, अलवर के संयुक्त निदेशक डॉ. संजीव कुमार दास ने बताया कि देसूला अलवर जिले का पहला पूर्ण बीमित गांव बना था। इसके बाद जिले के 9 अन्य गांवों को भी पूर्ण रूप से बीमा सुरक्षा से जोड़ा गया। अब इसी पहल को विस्तार देते हुए 100 गांवों को पूर्ण बीमा-सुरक्षित बनाने का अभियान शुरू किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान की प्रेरणा देसूला ग्राम पंचायत से मिली है। 15 अगस्त 2025 को देसूला देश की पहली पूर्ण बीमित ग्राम पंचायत बनी थी। देसूला की पहल ने यह उदाहरण प्रस्तुत किया कि उपलब्ध बीमा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से गांव के परिवारों को जोड़कर सामूहिक सुरक्षा का मॉडल तैयार किया जा सकता है।
देसूला की सफलता के बाद अलवर जिले के 9 और गांवों को पूर्ण बीमा सुरक्षा से जोड़ा गया। अब अगले चरण में 100 गांवों को बीमा-सुरक्षित बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके बाद इसी मॉडल को आगे बढ़ाते हुए पूरे अलवर जिले को पूर्ण बीमा-सुरक्षित बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। अभियान के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि बीमा केवल एक पॉलिसी नहीं, बल्कि परिवार के भविष्य और आर्थिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच भी है।
बाइट... डॉक्टर संजीव दास..संयुक्त निदेशक,राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग
बाइट.. आर्तिका शुक्ला..जिला कलेक्टर अलवर
बाइट...गुड्डी देवी..महिला देसूला गांव बाइट..हेमलता यादव..आंगनबाड़ी कार्यकर्ता