देवास में कथित ज़हरीली शराब से मौतों पर जीतू पटवारी ने उठाए सवाल, चंदाना पहुंचकर पीड़ित परिवारों से की मुलाकात; निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग
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अरुण यादव के साथ प्रभावित परिवारों से मिले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, मौतों की वास्तविक संख्या सार्वजनिक करने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
कांग्रेस का दावा—22 लोगों की मौत; प्रशासन ने जहरीली शराब से मौतों के आरोपों को नकारा, जांच रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद
देवास, 24 अक्टूबर 2026। देवास जिले के चंदाना और आसपास के गांवों में पिछले कुछ सप्ताह के दौरान हुई संदिग्ध मौतों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। मृतकों के परिजन और ग्रामीण इन घटनाओं को कथित तौर पर जहरीली शराब के सेवन से जोड़ रहे हैं, जबकि जिला प्रशासन ने जहरीली शराब से मौत होने के दावों को खारिज किया है। इस बीच मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने ग्राम चंदाना पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

जीतू पटवारी ने दावा किया कि देवास जिले में कथित जहरीली शराब के कारण अब तक 22 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से मौतों की वास्तविक संख्या सार्वजनिक करने, प्रत्येक मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की। हालांकि, 22 मौतों के जहरीली शराब से संबंध की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन ने इस संबंध से इनकार किया है।

पटवारी ने कहा कि मुरैना, उज्जैन, सागर और अब देवास में सामने आए मामलों ने अवैध शराब की बिक्री पर निगरानी और संबंधित विभागों की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा कि यदि शराब की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें थीं, तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई और कथित अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण क्यों नहीं हो सका।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रभावित परिवार अपने प्रियजनों को खोने के बाद जवाब चाहते हैं। उन्होंने मांग की कि जांच में यह स्पष्ट किया जाए कि मृतकों ने शराब कहां से खरीदी थी, उसकी गुणवत्ता क्या थी और संबंधित मामलों में किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि मौतों के कारणों का निर्धारण अनुमान या आरोपों के आधार पर नहीं, बल्कि चिकित्सकीय जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाना चाहिए।
पटवारी ने सरकार से पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता देने और यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले की तह तक पहुंचना और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाना आवश्यक है।
इस दौरान पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष मनोज राजानी, ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनीष चौधरी, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रयास गौतम सहित अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि 24 अक्टूबर को सामने आई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चंदाना और बिंजाना गांवों में लगभग 20 दिनों के दौरान 13 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई थी। ग्रामीणों और परिजनों ने इन घटनाओं को शराब के सेवन से जोड़ा, जबकि प्रशासन ने जहरीली शराब से मौत होने के दावे को असत्य और भ्रामक बताया। अधिकारियों के अनुसार, मौतों के कारणों की जांच की जा रही है और कुछ मामलों में विसरा रिपोर्ट का इंतजार है। इसलिए मौतों की वास्तविक वजह जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
कांग्रेस ने कहा कि वह प्रभावित परिवारों की मांगों को उठाती रहेगी और मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई तथा प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग जारी रखेगी।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
देवास जिले में कथित ज़हरीली शराब से 22 लोगों की मौत के बाद, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने चंदाना में पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर सवाल उठाए। यह विषय स्थानीय शराब की गुणवत्ता और प्रशासनिक निगरानी पर प्रकाश डालता है। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के गंभीर मुद्दे को सामने लाती है, तथा सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाती है। यदि जांच से पता चलता है कि शराब में विषाक्त पदार्थ थे, तो इससे ग्रामीण आबादी में विश्वासघात और असुरक्षा बढ़ सकती है, तथा समान घटनाओं