DGCA सख्त: फ्लाइट क्रू की रैंडम ड्रग टेस्टिंग का दायरा बढ़ेगा

अगस्त 20, नई दिल्ली: एविएशन सेक्टर में सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने के लिए DGCA फ्लाइट क्रू की ड्रग टेस्टिंग के नियम सख्त करने की तैयारी में है। नए नियमों के तहत भारतीय एयरलाइंस के पायलट और अन्य फ्लाइट क्रू की रैंडम स्क्रीनिंग का दायरा बढ़ाया जा सकता है।
हर साल 25 प्रतिशत से अधिक फ्लाइट क्रू की रैंडम ड्रग टेस्टिंग अनिवार्य किए जाने की संभावना है। DGCA इस बढ़े हुए टेस्टिंग मानक को देश की सभी एयरलाइंस पर लागू कर सकता है। यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है, जब फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2379 से जुड़े मामले की जांच जारी है।
मामले में संबंधित पायलट को जांच पूरी होने तक डीरॉस्टर किया गया है। वहीं, एयर इंडिया ने 13 अगस्त से अपने ग्रुप के पायलटों की 100 प्रतिशत स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। इसमें प्रतिबंधित साइकोएक्टिव पदार्थों के साथ उन दवाओं की भी जांच की जा रही है, जिनका इस्तेमाल विमानन सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है।
एयर इंडिया स्क्रीनिंग की रिपोर्ट DGCA को भी सौंप रही है। अब AI-2379 मामले की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके अगले 10 दिनों में आने की उम्मीद है। रिपोर्ट के आधार पर DGCA फ्लाइट क्रू की ड्रग टेस्टिंग और स्क्रीनिंग को लेकर नए और सख्त दिशा-निर्देश जारी कर सकता है।
एविएशन सेक्टर में फ्लाइट क्रू की फिटनेस और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर DGCA का रुख अब ‘नो टॉलरेंस’ नीति की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। फ़ाइल फ़ोटो