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धनबाद में फहीम खान के घर AK-47 हमले मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
धनबाद में फहीम खान के घर AK-47 हमले मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद

धनबाद में 2004 के फहीम खान के घर AK-47 हमले मामले में अदालत ने शाहिद आलम, शहादत हुसैन और तनवीर आलम को उम्रकैद की सजा सुनाई।

Short Headline: धनबाद में फहीम खान के घर AK-47 हमले मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद

03 अक्टूबर, धनबाद: कोयलांचल धनबाद के चर्चित गैंगस्टर फहीम खान के घर वर्ष 2004 में हुए AK-47 हमले के मामले में अदालत ने तीन दोषियों को सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय पारस कुमार सिन्हा की अदालत ने शाहिद आलम, शहादत हुसैन और तनवीर आलम को 302, 120 बी और धारा 149 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

इसके अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 27 में तीनों को 7 साल और धारा 307 के तहत 10 साल की सजा सुनाई गई है। अदालत ने सभी सजाओं को साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता शाहबाज सलाम ने इसकी जानकारी दी। मामला 29 जनवरी 2004 का है। वासेपुर स्थित फहीम खान के घर पर AK-47 समेत अत्याधुनिक हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग की गई थी।

हमले के दौरान फहीम खान ने पड़ोसी की छत पर कूदकर अपनी जान बचाई थी। वहीं फायरिंग में उनके बॉडीगार्ड विनोद शर्मा की मौत हो गई थी। घटना में शाहिद नामक व्यक्ति के पैर में भी गोली लगी थी। करीब 22 साल पुराने इस मामले में अदालत ने 28 सितंबर 2026 को शाहिद आलम, शहादत हुसैन और तनवीर आलम को दोषी करार दिया था और सजा के बिंदु पर 3 अक्टूबर को सुनवाई तय की थी।

अब सजा सुनाए जाने के बाद इस मामले में तीनों दोषियों को हत्या, आपराधिक साजिश, गैरकानूनी जमावड़ा, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट की धाराओं में सजा मिली है।

बाइट- शाहबाज सलाम, अधिवक्ता, पीड़ित पक्ष

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हिंसा का कोई वैध मार्ग नहीं है। जब विवाद बढ़े तो कानूनी रास्ते अपनाने चाहिए, न कि हथियारों की ओर। समाज में सहिष्णुता और संवाद को बढ़ावा देकर हम शांति की नींव रख सकते हैं। पीड़ितों के प्रति संवेदना और न्याय की माँग ज़रूरी है, पर साथ ही हमें यह याद रखना चाहिए कि न्याय केवल अदालत में नहीं, बल्कि रोज़मर्रा के व्यवहार में भी होना चाहिए।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।