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धनबाद में 'ऑपरेशन शील्ड' के तहत 11 साइबर अपराधी गिरफ्तार, 2.85 लाख रुपए नकद बरामद

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
धनबाद में 'ऑपरेशन शील्ड' के तहत 11 साइबर अपराधी गिरफ्तार, 2.85 लाख रुपए नकद बरामद

"ऑपरेशन शील्ड" के तहत धनबाद पुलिस की कार्रवाई, 11 साइबर अपराधी गिरफ्तार, 2.85 लाख रुपए नकद बरामद, 19 मोबाइल फोन जब्त।

Short Headline: धनबाद में 'ऑपरेशन शील्ड' के तहत 11 साइबर अपराधी गिरफ्तार, 2.85 लाख रुपए नकद बरामद

03 अक्टूबर, धनबाद: धनबाद जिले में बढ़ते साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए धनबाद पुलिस ने ‘साइबर शील्ड’ नाम से मेगा ऑपरेशन शुरू किया है। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने निरसा थाना क्षेत्र के पिठाकियारी गांव में छापेमारी कर 11 कथित साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया।

ग्रामीण पुलिस अधीक्षक मोहम्मद यस याकूब ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि पिठाकियारी में साइबर अपराधी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में हैं। इसके बाद 35 पुलिस पदाधिकारियों और 120 महिला-पुरुष पुलिसकर्मियों को शामिल कर विशेष छापामारी दल ने कार्रवाई की।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 2.85 लाख रुपये नकद, 19 मोबाइल फोन, जिनमें कई महंगे आईफोन शामिल हैं, कई एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और अन्य सामान बरामद किए। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर साइबर अपराध के नेटवर्क और उनके सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने बताया कि जिले में साइबर अपराध पर प्रभावी रोक लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस टीम यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार आरोपियों का किन-किन साइबर अपराधों और गिरोहों से संबंध है।

बाइट: मोहम्मद यस याकूब, एसपी ग्रामीण, धनबाद

💡 पृष्ठभूमि (Background)

धनबाद में ‘ऑपरेशन शील्ड’ के तहत पुलिस ने साइबर अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की, जिसमें 11 संदिग्ध गिरफ्तार हुए और 2.85 लाख रुपए नकद तथा 19 मोबाइल फोन बरामद हुए। यह विषय साइबर अपराध के बढ़ते खतरे और उसके मुकाबले में पुलिस की सक्रियता को दर्शाता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि स्थानीय पुलिस ने डिजिटल अपराध पर नियंत्रण पाने के लिए बड़े पैमाने पर ऑपरेशन किया, जिससे क्षेत्र में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी। आम जनता पर इसका असर यह है कि ऑनलाइन लेन‑देनों में विश्वास बढ़ेगा और अपर

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।