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धनबाद में वन्यजीव तस्करी का खुलासा, 40 लाख के प्रतिबंधित आर्टिकल के साथ तीन गिरफ्तार

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
धनबाद में वन्यजीव तस्करी का खुलासा, 40 लाख के प्रतिबंधित आर्टिकल के साथ तीन गिरफ्तार

धनबाद में वन्यजीव तस्करी का खुलासा, 40 लाख के प्रतिबंधित आर्टिकल के साथ तीन गिरफ्तार, तेंदुए के नाखून-दांत मिलने का दावा।

Short Headline: धनबाद में वन्यजीव तस्करी का खुलासा, 40 लाख के प्रतिबंधित आर्टिकल के साथ तीन गिरफ्तार

15 अक्टूबर, धनबाद: धनबाद में वन्यजीवों की तस्करी के एक मामले का वन विभाग ने बड़ा खुलासा किया है। मेमको मोड़ स्थित एक निजी होटल में छापेमारी कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वन विभाग ने इनके पास से वन्यजीवों से जुड़े कुल 35 प्रतिबंधित आर्टिकल जब्त किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 35 से 40 लाख रुपये बताई जा रही है।

बरामद सामग्री में लैपर्ड यानी तेंदुए के नाखून, दांत, रीढ़ की हड्डी और खाल से जुड़े आर्टिकल होने की बात सामने आई है। इसके अलावा पेंगोलिन से संबंधित सामग्री होने की भी आशंका है। वन विभाग की टीम ने करीब सात दिनों तक संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी और फिर ग्राहक बनकर होटल पहुंची। इसके बाद साक्ष्य के साथ तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

फिलहाल वन विभाग पूरे नेटवर्क की जांच में जुटा है।

गुरुवार को धनबाद वन प्रमंडल पदाधिकारी विकास पालीवाल ने इस संबंध में जानकारी दे हुए कहा, धनबाद वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि मेमको मोड़ स्थित एक निजी होटल में वन्यजीवों के अंगों और उनसे जुड़े प्रतिबंधित आर्टिकल की खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना के बाद वन प्रमंडल पदाधिकारी विकास पालीवाल के निर्देश पर विशेष टीम ने संदिग्धों की गतिविधियों पर निगरानी शुरू की। करीब सात दिनों तक जानकारी जुटाने के बाद वन विभाग ने जाल बिछाया। टीम के अधिकारी ग्राहक बनकर होटल पहुंचे और खरीद-बिक्री के बहाने आरोपियों तक पहुंच बनाई। इसके बाद कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान झरिया निवासी मोहम्मद शाहबाज खान, बरवाअड्डा निवासी वसीम असगर खान और भूली निवासी शहजादा खुर्रम के रूप में हुई है। वन विभाग के मुताबिक, मौके से कुल 35 संदिग्ध प्रतिबंधित आर्टिकल जब्त किए गए हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 35 से 40 लाख रुपये बताई जा रही है। बरामद सामग्री में तेंदुए के नाखून, दांत, रीढ़ की हड्डी और खाल से संबंधित आर्टिकल होने की बात कही गई है। हालांकि, सामग्री की वास्तविक पहचान और उसके स्रोत की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले में पेंगोलिन से जुड़े आर्टिकल होने की आशंका की भी जांच की जा रही है।

वन विभाग ने आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त किया हैं। अब इन मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वन्यजीवों से जुड़े ये आर्टिकल कहां से लाए जाते थे और इन्हें किन लोगों को बेचा जाना था। विभाग संभावित बड़े तस्करी नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की आशंका को भी ध्यान में रखकर जांच कर रहा है। वन विभाग के अनुसार, आरोपियों को जेल भेजने की प्रक्रिया की जा रही है और आगे कोर्ट से रिमांड लेकर पूछताछ की जाएगी, ताकि इस कथित कारोबार से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।

वन प्रमंडल पदाधिकारी विकास पालीवाल के मुताबिक, पूजा-पाठ के दौरान तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के नाम पर ऐसे वन्यजीव आर्टिकल की मांग बढ़ने की आशंका रहती है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह के अंधविश्वास में न पड़ें और वन्यजीवों के अंगों की खरीद-बिक्री से दूर रहें। ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत वन विभाग को दें। फिलहाल, इस मामले में फॉरेंसिक जांच और पूछताछ के बाद ही वन्यजीव तस्करी के पूरे नेटवर्क की तस्वीर साफ हो सकेगी।

बाइट- विकास पालीवाल, वन प्रमंडल पदाधिकारी, धनबाद

💡 पृष्ठभूमि (Background)

धनबाद में वन विभाग ने एक निजी होटल में छापेमारी कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया, जिनके पास 40 लाख रुपये के मूल्य के प्रतिबंधित आर्टिकल थे, जिसमें तेंदुए के नाखून और दांत शामिल थे। यह मामला वन्यजीव तस्करी के खिलाफ चल रहे संघर्ष का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, क्योंकि तेंदुए जैसे शिकारियों के अंगों का व्यापार अवैध और विनाशकारी है। इस तरह के खुलासे से सार्वजनिक जागरूकता बढ़ती है और कानून प्रवर्तन को तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रेरित करती है। आम जनता को यह संदेश मिलता है कि वन्यजीव संरक्षण में

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।