धनतेरस पर सोना कैसे लें, ज्वेलरी-सिक्का या ETF, कहां करें निवेश?
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धनतेरस के मौके पर सोना खरीदना भारतीय परिवारों की पुरानी परंपरा रही है. इस दिन कई लोग सोने के गहने, सिक्के या बार खरीदना पसंद करते हैं.
हालांकि, बदलते समय के साथ सोने में निवेश करने के तरीके भी बदल गए हैं.
अब बाजार में फिजिकल गोल्ड के अलावा गोल्ड ETF और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्प भी मौजूद हैं.
ऐसे में अगर आप 6 नवंबर को धनतेरस पर सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह समझना जरूरी है कि कौन सा विकल्प आपकी जरूरत और बजट के हिसाब से सही रहेगा.
सोने के सिक्के खरीदने के क्या फायदे हैं?
अगर आप सोना अपने पास रखना चाहते हैं, लेकिन ज्वेलरी पर अतिरिक्त खर्च नहीं करना चाहते, तो गोल्ड कॉइन एक विकल्प हो सकता है.
सिक्कों पर आमतौर पर गहनों की तुलना में कम अतिरिक्त प्रीमियम लगता है.
हालांकि, इन्हें खरीदते समय शुद्धता, प्रमाणपत्र और दुकानदार की बायबैक पॉलिसी जरूर जांचनी चाहिए. बेचते समय भी कुछ कटौती हो सकती है.
गहने खरीदना निवेश के लिहाज से कितना सही?
धनतेरस पर ज्यादातर लोग सोने की ज्वेलरी खरीदना पसंद करते हैं.
हालांकि, अगर आपका उद्देश्य सिर्फ निवेश करना है, तो गहने खरीदना ज्यादा फायदेमंद विकल्प नहीं माना जाता. इसकी वजह है मेकिंग चार्ज और GST. गहने बनवाते समय इन अतिरिक्त खर्चों का भुगतान करना पड़ता है.
बाद में जब आप इन्हें बेचते हैं, तो मेकिंग चार्ज और GST की रकम वापस नहीं मिलती.
इसके अलावा सोने की शुद्धता जांचने और अन्य कटौती के कारण मिलने वाली कीमत भी कम हो सकती है.
इसलिए ज्वेलरी उन लोगों के लिए बेहतर है, जो इसे पहनने या किसी को उपहार देने के उद्देश्य से खरीद रहे हैं.
क्या अब भी SGB में निवेश का विकल्प मौजूद है?
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड यानी SGB पहले निवेशकों के बीच लोकप्रिय विकल्प था. इसमें सोने की कीमत से जुड़े रिटर्न के साथ निश्चित ब्याज भी मिलता था.
लेकिन फरवरी 2024 के बाद सरकार ने कोई नई SGB सीरीज जारी
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar