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धार के ग्राम सिमरली में स्वामित्व योजना के तहत शिविर आयोजित दुगनी, सिमरली और कोठीदा के ग्रामीणों को मिली नि:शुल्क रजिस्ट्री

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 7 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
धार के ग्राम सिमरली में स्वामित्व योजना के तहत शिविर आयोजित दुगनी, सिमरली और कोठीदा के ग्रामीणों को मिली नि:शुल्क रजिस्ट्री

धार जिले की धरमपुरी तहसील के ग्राम सिमरली में स्वामित्व योजना के तहत आयोजित शिविर में ग्रामीणों को नि:शुल्क पट्टों की रजिस्ट्री वितरित की गई। धार जिले के धरमपुरी तहसील के ग्राम सिमरली में स्वामित्व योजना के अंतर्गत एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से ग्रामीण जनों को शासन की ओर से पट्टों की निःशुल्क रजिस्ट्री कराई गई।

इस शिविर में धरमपुरी विधायक कालू सिंह ठाकुर, मनावर एस.डी.एम प्रमोद गुर्जर और धरमपुरी तहसीलदार अंजलि गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहीं। तहसीलदार अंजलि गुप्ता ने बताया कि ग्राम दुगनी, सिमरली और कोठीदा के ग्रामीणों को इस योजना का शत-प्रतिशत लाभ मिला है, जिससे अब उन्हें बैंकों से आसानी से वित्तीय सहायता मिल सकेगी।

धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र में स्वामित्व योजना के तहत कुल 10,000 पट्टे तैयार किए जाने हैं, जिनमें से राजस्व और पंचायत विभाग की संयुक्त टीमों ने अब तक लगभग 4,000 पट्टे सफलतापूर्वक तैयार कर लिए हैं और शेष कार्य तेजी से जारी है। इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के कानूनी अधिकार और आर्थिक सुगमता मजबूत हुई है, जिससे जनता में भारी उत्साह और खुशी का माहौल देखा जा रहा है।

विधायक कालू सिंह ठाकुर ने ग्रामीणों को नि:शुल्क रजिस्ट्री का अधिकार दिए जाने पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।

बाइट-01- अंजली गुप्ता तहसीलदार धरमपुरी(धार )

बाइट-02-कालू सिंह ठाकुर-विधायक धरमपुरी(धार )

💡 पृष्ठभूमि (Background)

धार जिले के धरमपुरी तहसील के सिमरली गाँव में स्वामित्व योजना के तहत एक विशेष शिविर आयोजित किया गया, जहाँ ग्रामीणों को निःशुल्क पट्टों की रजिस्ट्री कराई गई। यह कार्यक्रम किसानों और आम लोगों को उनके कृषि भूमि के अधिकारों को मान्यता देने में मदद करता है। यह पहल सरकार की भूमि अधिकार सुधार और ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि इससे भूमि विवादों में कमी और कृषि उत्पादकता में वृद्धि की उम्मीद है। इसके परिणामस्वरूप ग्रामीणों को कानूनी सुरक्षा मिलेगी, जिससे वे निवेश और ऋण के लिए

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।