धरणीधर भगवान बलराम का जन्मोत्सव , नागर धाकड़ समाज मनाएगा श्रद्धा और उत्साह के साथ
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भोपाल। नागर धाकड़ समाज के आराध्य देव एवं कृषि संस्कृति के प्रतीक भगवान बलराम जी का जन्मोत्सव धरणीधर भगवान के रूप में 2 सितंबर को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर नागर धाकड़ समाज भोपाल क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जन्मोत्सव का सुबह की बेला में आयोजन ओबेदुल्लागंज स्थित नागर धाकड़ सामुदायिक भवन में प्रातः 11 बजे से होगा। समाज जन भगवान धरणीधर की पूजा-अर्चना कर जन्मोत्सव मनाएंगे तथा समाज की एकता, संस्कार और सामाजिक उत्थान का संकल्प लेंगे।
इसी क्रम में हिनोतिया सड़क, बेरसिया क्षेत्र में भी भगवान धरणीधर के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में शोभायात्रा एवं बहन रैली निकाली जाएगी। रैली के माध्यम से समाज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया जाएगा।
वहीं ग्राम बकानिया भोरी में भी भगवान बलराम जी के जन्मोत्सव का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जाएगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल होकर भगवान धरणीधर का पूजन एवं आराधना करेंगे।
मुख्य कार्यक्रम भोपाल शहर में जन्मोत्सव का मुख्य सांध्यकालीन 3 से 6 में कार्यक्रम 6 नंबर स्टाफ, शिवाजी नगर स्थित नागर धाकड़ सामुदायिक छात्रावास के नवनिर्मित भवन में आयोजित किया जाएगा। यहां समाज के वरिष्ठजन, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहेंगे।
आयोजक नागर धाकड़ धाकड़ सांस्कृतिक समिति ने समाज के सभी परिवारों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रमों में सहभागिता कर भगवान धरणीधर के आदर्शों, कृषि संस्कृति, सामाजिक एकता और नई पीढ़ी में संस्कारों को मजबूत करने का आह्वान एवं संकल्प लिया जाएगा ।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
धरणीधर भगवान बलराम के जन्मोत्सव की बात है, जिसमें नागर धाकड़ समाज के लोग श्रद्धा और उत्साह के साथ 2 सितंबर को प्रातः 11 बजे ओबेदुल्लागंज के सामुदायिक भवन में कार्यक्रम मनाएंगे। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भगवान बलराम कृषि संस्कृति के प्रतीक हैं और उनके जन्मोत्सव से समाज में एकता और सांस्कृतिक पहचान का संदेश मिलता है। इस प्रकार के कार्यक्रम से आम जनता में धार्मिक भक्ति के साथ-साथ कृषि और पारंपरिक रीति-रिवाजों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, जिससे सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक संरक्षण को बल मिले