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धर्मशाला में ई-गवर्नेंस सुधारों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 16 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
धर्मशाला में ई-गवर्नेंस सुधारों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू

अक्टूबर 16, नई दिल्ली: ई-गवर्नेंस सुधारों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आज हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में शुरू हुआ। इसमें केंद्र सरकार, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों के प्रतिनिधियों और इलेक्ट्रॉनिक प्रशासन विशेषज्ञों ने भाग लिया। यह सम्मेलन केंद्र और हिमाचल प्रदेश सरकार के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।उद्घाटन सत्र में भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) की सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा ने स्वागत भाषण दिया।

इसके बाद हिमाचल प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपना संबोधन दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि लाभार्थियों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए सुधार लाए जाने चाहिए और भविष्य की चुनौतियों से निपटने में आधुनिक तकनीक एक प्रमुख साधन सिद्ध हो सकती है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुशासन पर केंद्रित है और विभागों को राज्य के लोगों तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उनके निकटतम स्थान पर पहुंचाने के लिए ईमानदार प्रयास करने चाहिए।

सोर्स- PIB

💡 पृष्ठभूमि (Background)

ई-गवर्नेंस सुधारों पर यह राष्ट्रीय सम्मेलन डिजिटल प्रशासन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है, जिसमें केंद्र, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारी और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। यह कदम सरकारी सेवाओं को तेज, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। यदि योजनाएँ सफल होती हैं तो नागरिकों को ऑनलाइन सेवाओं तक आसान पहुँच, कम लालफीताशाही और बेहतर जवाबदेही का लाभ मिलेगा, जिससे प्रशासनिक दक्षता और विश्वास में वृद्धि संभव है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।