धर्मशाला इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में 40 देशों की 95 फिल्में होंगी प्रदर्शित, रिचर्ड गेयर भी करेंगे शिरकत
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29 अक्तूबर से 1 नवंबर तक सजेगा सिनेमा का महाकुंभ, 30 फिल्मों का होगा वर्ल्ड, एशियन और इंडियन प्रीमियर
अक्तूबर 23, कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश की पर्यटन नगरी धर्मशाला में 29 अक्तूबर से 1 नवंबर तक आयोजित होने वाला धर्मशाला इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (डीआईएफएफ) इस बार अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के विविध रंगों से सराबोर रहेगा। महोत्सव में 40 देशों की 95 फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा।
इस दौरान देश-विदेश के प्रसिद्ध फिल्म निर्माता, निर्देशक और कलाकार भी शिरकत करेंगे। फिल्म फेस्टिवल के बोर्ड ऑफ एडवाइजर्स में शामिल हॉलीवुड अभिनेता रिचर्ड गेयर की उपस्थिति भी इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगी। फिल्म फेस्टिवल की निदेशक रितु सरीन के अनुसार, इस बार महोत्सव में फीचर फिल्मों के साथ लघु और मध्यम अवधि की फिल्में भी दिखाई जाएंगी।
आयोजन का उद्देश्य दर्शकों को दुनिया भर के सिनेमा से रूबरू करवाने के साथ स्वतंत्र फिल्मों और फिल्म निर्माताओं को एक अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध करवाना है। इस वर्ष फिल्म फेस्टिवल में 10 भारतीय फिल्मों का विश्व प्रीमियर, 10 फिल्मों का एशियाई प्रीमियर और 10 फिल्मों का भारतीय प्रीमियर होगा।
महोत्सव की शुरुआत रीमा दास के निर्देशन में बनी फिल्म नॉट अ हीरो से होगी, जबकि समापन शशांक वालिया की पंजाबी फिल्म बर्ड्स इन द डार्क से होगा। दोनों फिल्मों का भारतीय प्रीमियर भी इस आयोजन का विशेष आकर्षण रहेगा। फिल्म फेस्टिवल में स्वतंत्र और मुख्यधारा के सिनेमा से जुड़े कई चर्चित नाम हिस्सा लेंगे।
इनमें निखिल आडवाणी, सुधीर मिश्रा, दिबाकर बनर्जी, वरुण ग्रोवर, सयानी गुप्ता और कीर्ति कुल्हारी सहित अन्य फिल्मकार एवं कलाकार शामिल हैं। हॉलीवुड अभिनेता रिचर्ड गेयर भी महोत्सव के एक विशेष कार्यक्रम में भाग लेंगे। धर्मशाला में आयोजित होने वाला यह फिल्म फेस्टिवल सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करता है।
कांगड़ा के अतिरिक्त जिलाधीश विनय कुमार के अनुसार इस आयोजन में देश-विदेश से लगभग 1200 से 1500 मेहमानों के पहुंचने की संभावना है। इससे होटल कारोबार, टैक्सी सेवाओं और अन्य स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिलता है। वर्ष 2012 में शुरू हुआ यह फिल्म फेस्टिवल अब अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुका है। इसके संस्थापक रितु सरीन और तेंजिंग के प्रयासों से धर्मशाला विश्व सिनेमा के एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों और मीडिया से महोत्सव का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की अपील की है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें भाग लेकर अंतरराष्ट्रीय सिनेमा का अनुभव प्राप्त कर सकें।
बाईट: विनय कुमार, अतिरिक्त जिलाधीश, कांगड़ा
बाईट: रितु सरीन, निदेशक डिफ