धर्मशाला में रिकॉर्ड पर्यटक रश, त्रियुंड में सुविधाओं की कमी पर उठे सवाल
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अश्वनी बाम्बा बोले: 40-45 साल में ऐसा पर्यटक दबाव नहीं देखा, नवंबर तक 50-60 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी की उम्मीद
अक्तूबर 05, कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश): लंबे समय तक मंदी झेलने के बाद धर्मशाला में पर्यटन कारोबार ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। अक्तूबर के पहले लंबे वीकेंड पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी और शहर के होटल, होमस्टे, बीएंडबी तथा गेस्ट हाउस पूरी तरह पैक रहे। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन धर्मशाला के अध्यक्ष अश्वनी बाम्बा ने कहा कि अपने 40-45 साल के अनुभव में उन्होंने धर्मशाला में इतना बड़ा पर्यटक रश पहले नहीं देखा।
बाम्बा के अनुसार जून के अंत से धर्मशाला में पर्यटन कारोबार लगभग ठप हो गया था और होटलों की ऑक्यूपेंसी घटकर महज 10 से 15 प्रतिशत रह गई थी। अब मौसम के अनुकूल होने, बरसात खत्म होने और लगातार छुट्टियों के चलते देशभर से पर्यटकों ने हिमाचल का रुख किया है। इसका सीधा लाभ होटल कारोबार के साथ-साथ टैक्सी ऑपरेटरों, सब्जी विक्रेताओं और अन्य स्थानीय कारोबारियों को भी मिला है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली, पंजाब और मध्य प्रदेश से स्कूल-कॉलेजों के एजुकेशनल टूर पहुंच रहे हैं। वहीं गुजरात, महाराष्ट्र, बंगाल और हरियाणा समेत विभिन्न राज्यों से घरेलू पर्यटक धर्मशाला पहुंच रहे हैं। विदेशी पर्यटकों की आमद भी शुरू हो गई है। बाम्बा ने पर्यटन बढ़ने के साथ बुनियादी सुविधाओं पर भी चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि धर्मशाला की सड़कों की हालत लंबे समय से खराब है और पिछले दो वर्षों से कई जगह गड्ढों की समस्या बनी हुई है। सबसे गंभीर स्थिति त्रियुंड ट्रैक पर देखने को मिली, जहां इस वीकेंड करीब 5 से 7 हजार पर्यटकों के पहुंचने का अनुमान है। उनके अनुसार त्रियुंड में पर्यटकों की इतनी बड़ी संख्या के अनुरूप पीने के पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि यदि एडवेंचर टूरिज्म के प्रमुख स्थलों पर जरूरी सुविधाएं नहीं होंगी तो इससे पर्यटकों को परेशानी होगी और क्षेत्र की पर्यटन छवि प्रभावित हो सकती है। ऐसे अनुभव के कारण पर्यटक भविष्य में दोबारा यहां आने से भी बच सकते हैं। अश्वनी बाम्बा ने आगामी पर्यटन सीजन को लेकर भी उम्मीद जताई।
उन्होंने कहा कि अक्तूबर से नवंबर के आखिरी सप्ताह तक चलने वाले दिवाली सीजन में ग्रुप टूरिज्म से कारोबार को मजबूती मिलने की संभावना है। गुजरात, महाराष्ट्र और बंगाल से एजेंटों के माध्यम से बड़ी संख्या में कंडक्टेड टूर आने की उम्मीद है। इसी अवधि में विदेशी पर्यटकों के समूहों की आमद भी बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि धर्मशाला में पर्यटन का मोमेंटम दोबारा बन चुका है और उम्मीद है कि नवंबर के अंत तक होटलों में औसत ऑक्यूपेंसी 50 से 60 प्रतिशत के आसपास बनी रहेगी।
बाईट: अश्वनी बाम्बा, अध्यक्ष हिमाचल फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन, धर्मशाला