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धौलपुर में चंबल बजरी के अवैध खनन पर पुलिस का शिकंजा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 12 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
धौलपुर में चंबल बजरी के अवैध खनन पर पुलिस का शिकंजा

एसपी के निर्देशन में घाटों पर निगरानी, नाकाबंदी और पोस्ट तैनात, जनवरी से 11 अक्टूबर तक अवैध रेत-बजरी के 109 मामलों में 150 आरोपी गिरफ्तार

धौलपुर, 12 अक्टूबर। सर्वोच्च न्यायालय के प्रतिबंध के बावजूद चंबल बजरी के अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ धौलपुर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। पुलिस के अनुसार, लगातार निगरानी, नाकाबंदी और कार्रवाई के चलते मई 2026 के बाद प्रतिबंधित चंबल बजरी के अवैध खनन एवं परिवहन से जुड़े दर्ज प्रकरणों में कमी आई है। जुलाई और सितंबर में कोई प्रकरण दर्ज नहीं हुआ, जबकि अक्टूबर में 11 अक्टूबर तक भी ऐसा कोई मामला दर्ज नहीं किया गया।

पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एडीएफ बाड़ी श्रवण कुमार झोरड़ के सुपरविजन में अवैध खनन के खिलाफ विशेष कार्ययोजना के तहत कार्रवाई की जा रही है। चंबल नदी के घाटों, संवेदनशील क्षेत्रों और प्रमुख परिवहन मार्गों पर निगरानी बढ़ाने के साथ संदिग्ध वाहनों की जांच, नाकाबंदी और आकस्मिक दबिश दी जा रही है।

पुलिस अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त व्यक्तियों और वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर रही है। पुलिस की ओर से जारी माहवार आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में प्रतिबंधित चंबल बजरी के अवैध खनन एवं परिवहन के चार प्रकरण दर्ज हुए थे। जून में तीन और अगस्त में एक प्रकरण सामने आया। वहीं, जुलाई और सितंबर में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ।

अक्टूबर में 11 अक्टूबर तक भी कोई प्रकरण दर्ज नहीं किया गया। पुलिस इन आंकड़ों को अपनी निगरानी और कार्रवाई के परिणाम के रूप में देख रही है।

जिला पुलिस के अनुसार, जनवरी से 11 अक्टूबर 2026 तक अवैध रेत-बजरी के खनन एवं परिवहन के विरुद्ध कुल 109 प्रकरण दर्ज किए गए। इन मामलों में 150 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 129 वाहन जब्त किए गए। कार्रवाई के दौरान कुल 600 टन रेत-बजरी भी जब्त की गई। हालांकि, पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इन कुल मामलों में से कितने विशेष रूप से प्रतिबंधित चंबल बजरी से संबंधित हैं।

चंबल नदी से बजरी के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए जिले के 10 थाना क्षेत्रों में निकासी के प्रमुख घाटों पर राजस्थान सशस्त्र बल (आरएसी) की पोस्ट तैनात की गई हैं। इसके अलावा प्रमुख मार्गों पर अभय कमांड के कैमरों के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था की गई है। पुलिस टीमें नियमित गश्त के साथ संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही हैं और अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई कर रही हैं।

पुलिस का कहना है कि चंबल नदी से प्रतिबंधित बजरी का अवैध खनन पर्यावरण और नदी पारिस्थितिकी के लिए गंभीर चुनौती है। इसे रोकने के लिए घाटों पर निगरानी, प्रमुख मार्गों पर नाकाबंदी और संबंधित क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है। अवैध पत्थर खनन के विरुद्ध भी कार्रवाई जारी है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के अनुसार, अवैध खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निगरानी और कार्रवाई लगातार जारी रखी जाएगी। पुलिस का लक्ष्य प्रतिबंधित खनन गतिविधियों पर रोक लगाना और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

बाइट: विकास सांगवान, पुलिस अधीक्षक, धौलपुर

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

अवैध चंबल बजरी की कटाई से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँचता है, बल्कि समाज की आर्थिक स्थिरता भी बिगड़ती है। जब कोई संसाधन अनियमित रूप से निकाला जाता है, तो वह समाज के सभी वर्गों को प्रभावित करता है। हमें क़ानून के प्रति सम्मान और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देनी चाहिए। यदि किसी को अवैध गतिविधि का सामना करना पड़े, तो उसे कानूनी मार्ग अपनाना चाहिए—जैसे पुलिस रिपोर्ट, न्यायालय में शिकायत, या समाजिक जागरूकता अभियान। इस तरह हम नयी पीढ़ी के लिए स्वच्छ, न्यायसंगत और सतत भविष्य बना सकते हैं।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।