धौलपुर में कैराकल संरक्षण पर संगोष्ठी
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वन्यजीव सप्ताह 2026 के तहत धौलपुर में कैराकल संरक्षण संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें इसके संरक्षण और पारिस्थितिकी पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कैराकल के महत्व की जानकारी दी और वन विभाग के फील्ड स्टाफ को संरक्षण के लिए जागरूक किया।
धौलपुर, 7 अक्टूबर। वन्यजीव सप्ताह 2026 के तहत प्रादेशिक वन मंडल धौलपुर और धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व के संयुक्त तत्वावधान में कैराकल संरक्षण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का उद्देश्य कैराकल यानी स्याहगोश जैसे छोटे मांसाहारी वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और वन्यजीव प्रेमियों तथा फील्ड स्टाफ को संरक्षण कार्यों से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और पौधे भेंट करने के साथ हुई। इसके बाद डीकेटीआर के उप वन संरक्षक तेजस पाटिल ने धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व के बारे में जानकारी दी।
मुख्य वक्ता के रूप में रणथंभौर स्थित संस्था टाइगर वॉच के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. धर्मेंद्र खांडल ने कैराकल की जैविकी, पारिस्थितिकी, इतिहास और भारत में इसके वितरण पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने धौलपुर के वन क्षेत्र में कैराकल के महत्व और इसके संरक्षण के उपायों पर भी प्रकाश डाला। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र में पाए जाने वाले भेड़िए सहित अन्य छोटे मांसाहारी वन्यजीवों के बारे में भी जानकारी साझा की।
डीकेटीआर के उप वन संरक्षक तेजस पाटिल ने बताया कि धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व में कैराकल की महत्वपूर्ण आबादी मौजूद है और यह रिजर्व की विशेष पहचान है। उन्होंने कहा कि कैराकल के संरक्षण के लिए वन विभाग और स्थानीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जाने जरूरी हैं।
व्याख्यान के बाद कैराकल संरक्षण को लेकर विशेषज्ञों और वन विभाग के अधिकारियों के बीच चर्चा हुई। फील्ड स्टाफ और प्रतिभागियों ने भी विशेषज्ञों से सवाल पूछे और संरक्षण से जुड़े विषयों पर जानकारी हासिल की।
संगोष्ठी में सहायक वन संरक्षक चेतराम मीना, सहायक वन संरक्षक राजीव शर्मा, वन्यजीव प्रेमी राजीव तोमर, प्राणीशास्त्र के प्राध्यापक प्रो. विनय भारद्वाज सहित क्षेत्रीय वन अधिकारी, वन विभाग का फील्ड स्टाफ, वन्यजीव प्रेमी और मीडियाकर्मी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारियों को उनके फील्ड स्टाफ के लिए यूटिलिटी किट भी वितरित की गईं। अंत में अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए और धन्यवाद ज्ञापन के साथ संगोष्ठी का समापन हुआ।
बाइट- 1 -संबोधन-डॉ. धर्मेन्द्र खाण्डल,एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर, टाईगर वॉच, रणथंभोर (मुख्य वक्ता)
बाइट 2 -खुशी खण्डेलवाल, सहायक प्रोफेसर, राजकीय महाविद्यालय, सपोटरा (प्रतिभागी )
बाइट 3 - तेजस पाटिल ,उपवन संरक्षक, डीकेटीआर( धौलपुर करौली टाइगर रिजर्व,धौलपुर