DIG के लिए रिश्वत लेने वाला कथित बिचौलिया गिरफ्तार, 7 दिन की ईडी हिरासत
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पंजाब पुलिस के तत्कालीन रोपड़ रेंज DIG हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े कथित रिश्वत और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने किरशानु शर्मा को गिरफ्तार किया है.
चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-1 ने उसे 18 सितंबर 2026 को PMLAकी धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया. चंडीगढ़ की विशेष PMLAअदालत ने आरोपी को सात दिन की ED हिरासत में भेज दिया.
रिश्वत की रकम पहुंचाने में बिचौलिया होने का आरोप
ED के मुताबिक, सीबीआई की एसीबी चंडीगढ़ की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की गई थी.
जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया कि तत्कालीन DIG हरचरण सिंह भुल्लर कथित तौर पर किरशानु शर्मा के माध्यम से रिश्वत की मांग और वसूली करते थे.
एक मामले में शिकायतकर्ता से 8 लाख रुपये की रिश्वत मांगे जाने का आरोप है. इसमें से 5 लाख रुपये किरशानु शर्मा के जरिए लिए गए.
ED के अनुसार यह रकम कथित तौर पर आपराधिक मामले को निपटाने और शिकायतकर्ता को पुलिस की दखल के बिना स्क्रैप का कारोबार जारी रखने की अनुमति देने के एवज में मांगी गई थी.
8.35 लाख नकद जब्त, 1.42 करोड़ के खाते फ्रीज
ED ने PMLAकी धारा 17 के तहत तलाशी के दौरान 8.35 लाख रुपये नकद जब्त किए.
इसके अलावा बैंक और डाकघर के खातों तथा निवेशों में करीब 1.42 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज की गई है.
डिजिटल उपकरणों से भी मिले लेन-देन के सुराग
जांच एजेंसी ने वित्तीय रिकॉर्ड और जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की जांच की है.
इसमें कई बिना स्पष्ट स्रोत वाली नकद जमा, निवेश और वित्तीय लेन-देन सामने आने की बात कही गई है. इनमें हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े लेन-देन भी शामिल हैं.
ED ने कुछ अन्य सरकारी अधिकारियों की संभावित भूमिका के भी प्रथम दृष्टया संकेत मिलने की बात कही है.
एजेंसी अब पूरे मनी ट्रेल का पता लगा रही है और यह जांच कर रही है कि अपराध से अर्जित रकम को किस तरह हासिल किया गया, इधर-उधर किया गया,
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
किरशानु शर्मा को चंडीगढ़ की विशेष PMLA अदालत द्वारा 18 सितंबर 2026 को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया, और उसे सात दिन की ED हिरासत में भेजा गया। यह मामला पंजाब पुलिस के तत्कालीन रोपड़ रेंज DIG हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े कथित रिश्वत और मनी लॉन्ड्रिंग के इर्द-गिर्द घूमता है, जहाँ शर्मा को बिचौलिया के रूप में आरोपित किया गया है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उच्च पदस्थ पुलिस अधिकारी के भ्रष्टाचार के आरोपों को उजागर करती है, जिससे सार्वजनिक विश्वास पर असर पड़ता है। आम जनता पर इसका प्रभाव
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
रिश्वत और भ्रष्टाचार के जाल में फँसना समाज के लिए घातक है। जब कोई अधिकारी या बिचौलिया अपने पद का दुरुपयोग करता है, तो हमें कानूनी मार्ग अपनाना चाहिए, न कि हिंसा या बदला। कानून की ताकत पर विश्वास रखकर, सबूत जुटाकर और साक्षी गवाही देकर न्याय की दिशा में कदम बढ़ाएँ। इस तरह हम न केवल अपराध को रोकेगे, बल्कि एक साफ-सुथरे, पारदर्शी समाज का निर्माण भी करेंगे।