अपराध

डीग पुलिस का ऑपरेशन मुस्कान

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
डीग पुलिस का ऑपरेशन मुस्कान

करीब दो करोड़ रुपए कीमत के मोबाइल मिले, सीइआईआर पोर्टल और तकनीकी निगरानी से गुम फोन किए ट्रेस

डीग, 5 अक्टूबर। डीग पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए गुमशुदा और चोरी हुए 426 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार बरामद मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब दो करोड़ रुपए है। करीब दो महीने तक लगातार की गई मेहनत, तकनीकी निगरानी और साइबर टीमबले शरण गोपीनाथ ने बताया कि मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए साइ की सक्रियता के जरिए इन मोबाइल को ट्रेस किया गया।

पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ ने बताया कि मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए साइबर टीम ने भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के (सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर ) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की जांच की। तकनीकी माध्यम से गुम हुए मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस की गई और उनके इस्तेमाल से जुड़े लोगों तक पहुंच बनाई गई।

पुलिस के अनुसार कई मामलों में मोबाइल चोरी करने वाले उसे किसी अन्य व्यक्ति को बेच देते थे। तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने ऐसे मोबाइल धारकों से संपर्क किया। पूछताछ के बाद कई लोगों ने खुद पुलिस थाने पहुंचकर मोबाइल जमा करा दिए। लगातार तकनीकी निगरानी और फील्ड स्तर पर की गई कार्रवाई के बाद 426 मोबाइल बरामद किए गए।

ऑपरेशन मुस्कान के तहत मोबाइल फोन वापस मिलने से उन लोगों को बड़ी राहत मिली है, जिन्होंने अपने फोन वापस मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी। मोबाइल में मौजूद जरूरी दस्तावेज, तस्वीरें, संपर्क नंबर और अन्य निजी जानकारी के कारण फोन की बरामदगी उनके लिए महत्वपूर्ण साबित हुई है। डीग पुलिस की इस कार्रवाई को प्रोएक्टिव पुलिसिंग और तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल का उदाहरण माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए तकनीकी संसाधनों और साइबर टीम की मदद से आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

बाइट:1 कांबले शरण गोपीनाथ, डीग एसपी

बाइट: 2 विजय कुमार शर्मा, मोबाइल धारक बाइट: 3 चंद्रभान, मोबाइल धारक

बाइट: 4 मोबाइल धारक

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

हमारी समाज में चोरी के खिलाफ जागरूकता और सहयोग से ही सुरक्षा संभव है। जब मोबाइल जैसी निजी संपत्ति चोरी हो, तो तुरंत पुलिस से संपर्क कर रिपोर्ट दर्ज कराएँ और अपने मोबाइल को गुमशुदा सूची में जोड़वाएँ। तकनीकी सहायता से गुमशुदा फ़ोन को ट्रैक कर लौटाया जा सकता है, जिससे अपराधियों को हतोत्साहित किया जाता है। पीड़ितों को सहानुभूति और समर्थन देना चाहिए, ताकि वे पुनः विश्वास के साथ अपने जीवन को आगे बढ़ा सकें।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।