अपराध

डिजिटल अरेस्ट ठगी के खिलाफ CBI की बड़ी कार्रवाई

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 4 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
डिजिटल अरेस्ट ठगी के खिलाफ CBI की बड़ी कार्रवाई

सितंबर 04, नई दिल्ली: देशभर में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाले साइबर अपराधियों के खिलाफ CBI ने बड़ी कार्रवाई की है। ऑपरेशन चक्र-6 के तहत CBI ने 20 राज्यों में एक साथ 89 ठिकानों पर छापेमारी की। जांच एजेंसी ने इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

छापेमारी के दौरान बैंकिंग दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य अहम सबूत जब्त किए गए हैं। CBI के मुताबिक, तीन अलग-अलग मामलों में पीड़ितों को महीनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर करोड़ों रुपये की ठगी की गई।

BITS पिलानी से जुड़े मामले में 7.67 करोड़ रुपये, गुजरात के मामले में 19.24 करोड़ रुपये और कर्नाटक के मामले में 15.45 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है। इन तीनों मामलों में कुल 42 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम ठगे जाने का आरोप है। CBI अब इस पूरे साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े लोगों और उसकी कड़ियों की जांच कर रही है।

(कैप्शन- फाइल फोटो)

💡 पृष्ठभूमि (Background)

डिजिटल अरेस्ट ठगी के खिलाफ CBI की कार्रवाई एक साइबर अपराध के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर की गई बड़ी ऑपरेशन है। यह विषय डिजिटल पहचान के दुरुपयोग से होने वाली ठगी से संबंधित है, जहाँ अपराधी वर्चुअल अरेस्ट के नाम पर लोगों को धोखा देते हैं। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि सरकार और जांच एजेंसी साइबर अपराधों पर कड़ी पकड़ बना रही है, और 20 राज्यों में एक साथ 89 ठिकानों पर छापेमारी करके अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इसका आम जनता पर असर यह है कि नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्क रहन

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।