डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से अंतिम छोर तक उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की सहज पहुंच सुनिश्चित होगी: उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की राज्य स्तरीय कार्यशाला में मॉडल जिला एवं मॉडल स्वास्थ्य संस्था पहल पर मंथन, उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थान सम्मानित
भोपाल, 25 अगस्त 2026। उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से प्रदेश के अंतिम छोर तक रहने वाले व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की सहज पहुंच सुनिश्चित करना सरकार का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत विकसित डिजिटल व्यवस्थाओं से नागरिकों को अधिक पारदर्शी, सुगम और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत मॉडल जिला एवं मॉडल स्वास्थ्य संस्था पहल की राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने विभागीय अधिकारियों और स्वास्थ्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों से कहा कि चयनित मॉडल जिलों एवं मॉडल स्वास्थ्य संस्थाओं में डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। इन संस्थाओं में विकसित होने वाली श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को प्रदेश की अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं तक पहुंचाने पर भी उन्होंने जोर दिया।
उप मुख्यमंत्री ने डिजिटल स्वास्थ्य अभिलेखों के शत-प्रतिशत उपयोग, स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के प्रभावी समावेश और नागरिक-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
डिजिटल मिशन को तकनीकी परियोजना तक सीमित न रखें
श्री शुक्ल ने कहा कि मॉडल जिला एवं मॉडल स्वास्थ्य संस्था पहल को केवल तकनीकी परियोजना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसे स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक बदलाव लाने वाले अभियान के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
उन्होंने जिला कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी और स्वास्थ्य संस्थाओं के नोडल अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए टेलीमेडिसिन के उपयोग को बढ़ाने पर भी जोर दिया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आईपीएचएस-12 मानकों के अनुसार पद सृजन, आवश्यक भर्ती के लिए नियमित फॉलोअप और स्वास्थ्य संस्थाओं में आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों से अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करते हुए मध्यप्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं के मानकों पर अग्रणी बनाने के लिए मिशन मोड में काम करने का आह्वान किया।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले और संस्थान सम्मानित
कार्यक्रम में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों एवं स्वास्थ्य संस्थानों को उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने सम्मानित किया। आभा आईडी निर्माण में उत्कृष्ट कार्य के लिए जबलपुर, ग्वालियर, इंदौर एवं सतना को सम्मानित किया गया।
वहीं टोकन जनरेशन में उत्कृष्ट कार्य के लिए जिला चिकित्सालय भोपाल एवं इंडेक्स मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, इंदौर तथा स्वास्थ्य अभिलेख फाइलिंग में उत्कृष्ट कार्य के लिए जिला चिकित्सालय जबलपुर एवं एम्स भोपाल को सम्मानित किया गया।



इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रभावी उपयोग के लिए संकल्प भी दिलाया।
डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली का प्रभावी हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के माध्यम से तकनीक का उपयोग नागरिकों को अधिक सुगम और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जाए।
उन्होंने मॉडल जिला एवं मॉडल स्वास्थ्य संस्था पहल से प्राप्त अनुभवों को प्रदेश की अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं तक पहुंचाने और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को अपनाने पर भी जोर दिया।
प्रदेश में 5 करोड़ 90 लाख से अधिक आभा आईडी
आयुष्मान भारत योजना (मध्यप्रदेश) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अरविंद शाह ने बताया कि अगस्त 2026 तक प्रदेश में 5 करोड़ 90 लाख से अधिक आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं। इसके अलावा 20,444 से अधिक स्वास्थ्य संस्थाओं का स्वास्थ्य संस्था रजिस्टर में और 19,274 स्वास्थ्यकर्मियों का हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्टर में पंजीयन हो चुका है।
उन्होंने बताया कि मॉडल जिला एवं मॉडल स्वास्थ्य संस्था पहल के तहत डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के प्रभावी उपयोग, संस्थागत प्रक्रियाओं में उनके समावेश और बेहतर समन्वय पर काम किया जाएगा।
इस पहल से प्राप्त अनुभवों और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को प्रदेश की अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं में अपनाने और विस्तार देने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
कार्यक्रम में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री धनराजू एस., प्रदेश के विभिन्न जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी, स्वास्थ्य संस्थाओं के नोडल अधिकारी तथा शासकीय एवं निजी चिकित्सा संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।