दिल्ली के बाजारों पर प्रदर्शन की मार, सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान
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अक्टूबर 16, नई दिल्ली: दिल्ली के व्यापारियों की आजीविका से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है।
दिल्ली किराना कमेटी और दिल्ली आयरन एंड हार्डवेयर मर्चेंट्स एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने छोटे दुकानदारों, फेरीवालों और स्टॉल संचालकों की परेशानियों को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि इन महत्वपूर्ण दिनों में ही व्यापारी अपनी आजीविका कमाते हैं और उनके परिवारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। साथ ही, कोर्ट ने कहा, "हम कार्रवाई करेंगे।"
याचिका में त्योहारी और विवाह सीजन के दौरान चांदनी चौक, सदर बाजार, कनॉट प्लेस और खान मार्केट जैसे प्रमुख बाजारों तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
कैट के मुताबिक, प्रदर्शनों के कारण प्रतिदिन करीब 250 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित होने का अनुमान है।
कैट ने प्रदर्शन के लोकतांत्रिक अधिकार का सम्मान करते हुए प्रदर्शन स्थलों को बाजारों से दूर निर्धारित करने की मांग की है।
(फाइल फोटो- उच्चतम न्यायालय)
💡 पृष्ठभूमि (Background)
दिल्ली के छोटे व्यापारियों की आजीविका पर असर डालने वाली किराना और हार्डवेयर दुकानों की कीमतों में बढ़ोतरी और किराया बढ़ने से उनकी आय घट रही है। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सीधे आम लोगों के रोज़मर्रा के खर्चों और खाद्य सुरक्षा को प्रभावित करता है। सुप्रीम कोर्ट का निर्णय छोटे दुकानदारों के लिए राहत का संकेत देता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति स्थिर हो सकती है। यदि निर्णय से किराया और कीमतों पर नियंत्रण आता है, तो आम जनता को किफ़ायती दामों पर सामान मिल सकेगा और बाजारों में भी संतुलन बना र