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दिल्ली हादसा, राहुल बोले– स्टूडेंट्स के लिए अच्छे हॉस्टल नहीं:छात्र पीजी में रहने को मजबूर; मोदी ने घायलों के स्वस्थ होने की प्रार्थना की

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 24 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
दिल्ली हादसा, राहुल बोले– स्टूडेंट्स के लिए अच्छे हॉस्टल नहीं:छात्र पीजी में रहने को मजबूर; मोदी ने घायलों के स्वस्थ होने की प्रार्थना की

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक 5 मंजिला बिल्डिंग गिर गई। इसमें 2 स्टूडेंट्स की मौत हो गई। वहीं, 3 गंभीर रूप से घायल हैं। जो इमारत गिरी वो 40-50 साल पुरानी थी। चश्मदीदों के मुताबिक हादसे के वक्त छात्र कमरों में थे और बेसमेंट में खुदाई चल रही थी। 9 का रेस्क्यू कर लिया गया है।

बताया जा रहा है कि बिल्डिंग में 20-25 कमरे थे और हर कमरे में 2 स्टूडेंट्स रहते थे। हादसे के वक्त अंदर 50 से ज्यादा लोग मौजूद थे। हादसे को लेकर नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी आई हैं। पीएम मोदी ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा- कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अच्छे हॉस्टल की सुविधा न होने से छात्रों को PG में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना बेहद दुखद है। अपनों को खोने वाले सभी लोगों के प्रति हमारी गहरी संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना है। प्रधानमंत्री ने बताया कि अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और दुर्घटना से प्रभावित लोगों की सहायता कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने कहा- दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की खबर बेहद हृदयविदारक और चिंताजनक है। खबरों के मुताबिक, कई लोग मलबे के नीचे फंसे हुए हैं, जिनमें दिल्ली विश्वविद्यालय के कई छात्र भी शामिल हैं। मैं NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव दलों से अपील करता हूं कि हर संभव प्रयास करते हुए मलबे में फंसे एक-एक छात्र तक पहुंचें।

घायलों को तत्काल सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और किसी की जान बचाने में कोई कसर न छोड़ी जाए। कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ता घटनास्थल पर मौजूद हैं और हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं। इस कठिन समय में हम सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं। छात्रों का जीवन पहले से ही कई संघर्षों से भरा हुआ था, अब स्थिति जानलेवा हो गई है।

कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पर्याप्त और अच्छे हॉस्टल की सुविधा न होने के कारण छात्रों को PG में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जहां कई बार एक ही छत के नीचे 40-40 छात्र अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर होते हैं। हर छात्र का जीवन अनमोल है और हर परिस्थिति में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर दिल्ली के सत्य निकेतन में 5‑मंज़िला बिल्डिंग के गिरने के हादसे के बारे में है, जिसमें 2 छात्र मारे गए और 3 गंभीर रूप से घायल हुए। यह घटना 40‑50 साल पुरानी इमारत के ढहने से हुई, जबकि छात्र पीजी में रहने को मजबूर थे और हॉस्टल सुविधाएँ कम थीं। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा मानकों और हॉस्टल सुविधाओं की कमी को उजागर करती है, जो छात्रों के जीवन को खतरे में डालती है। आम जनता पर इसका असर यह है कि शिक्षा क्षेत्र में इमारतों की सुरक्षा जाँच और सुधार की माँग बढ़ेगी,

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

हमें याद रखना चाहिए कि सुरक्षित आवास ही शिक्षा की नींव है। इमारतों के रख-रखाव में कड़ाई और छात्रों के लिए उपयुक्त हॉस्टल का निर्माण अनिवार्य है। जब दुर्घटना हो, तो त्वरित आपातकालीन योजना और ज़िम्मेदार अधिकारियों की निगरानी ज़रूरी है। पीड़ितों के परिवारों को सहानुभूति और सहायता की आवश्यकता है, परंतु हमें यह भी सुनिश्चित करना है कि भविष्य में ऐसे हादसे न हों। समाज को सुरक्षित, जिम्मेदार और सहायक बनाना हमारा साझा लक्ष्य होना चाहिए।

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