अपराध

दिल्ली में नाबालिग से रेप; सोशल मीडिया पर दोस्त बनाया:झांसा देकर होटल में बुलाया; POCSO के 96.6% मामलों में आरोपी पीड़ित को पहले से जानता है

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026 👁️ 2 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
दिल्ली में नाबालिग से रेप; सोशल मीडिया पर दोस्त बनाया:झांसा देकर होटल में बुलाया; POCSO के 96.6% मामलों में आरोपी पीड़ित को पहले से जानता है

दिल्ली के वजीराबाद इलाके के एक होटल में नाबालिग से रेप का मामला सामने आया है। आरोपी ने सोशल मीडिया के जरिए उससे दोस्ती की थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी और नाबालिग दोनों वजीराबाद इलाके के रहने वाले हैं। आरोपी ने दोस्ती का झांसा देकर मंगलवार को नाबालिग को होटल में बुलाया था। घटना के बाद नाबालिग घर लौटी और परिवार को पूरी बात बताई।

परिवार की शिकायत पर पुलिस ने POCSO एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया है। परिवार के पुलिस से संपर्क करने के बाद नाबालिग का मेडिकल कराया गया। पुलिस ने उसका बयान भी दर्ज किया। बयान और मेडिकल जांच के आधार पर वजीराबाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया। घटना के बाद से आरोपी फरार है। होटल के रिकॉर्ड की जांच पुलिस यह भी जांच कर रही है कि नाबालिग को होटल में प्रवेश कैसे मिला।

जांचकर्ता होटल का रजिस्टर, CCTV फुटेज और अन्य रिकॉर्ड देख रहे हैं। दिल्ली में रेप के पिछले 3 केस 12 सितंबर: स्वरूप नगर में 16 साल की नाबालिग से गैंगरेप-हत्या। अगले दिन खेत के पास खुले मैदान में शव मिला।

चार आरोपी गिरफ्तार हुए, जिनमें तीन नाबालिग हैं। 16 सितंबर: सदर बाजार के दुकान में 10 साल की बच्ची से रेप। बच्ची स्टेशनरी खरीदने के लिए घर से निकली थी। आरोपी दुकानदार को गिरफ्तार किया गया। 21 सितंबर: दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में 17 साल की नाबालिग से गैंगरेप का मामला सामने आया।

दिल्ली में हर दिन बच्चों से यौन अपराध के 4 मामले NCRB के मुताबिक, 2024 में दिल्ली में POCSO के 1,553 केस दर्ज हुए। यानी औसतन हर दिन 4 से ज्यादा मामले सामने आए। 2025 की रिपोर्ट अभी जारी नहीं हुई है। ------------------------------ यह खबर भी पढ़ें… दिल्ली में बस में 16 साल की छात्रा से गैंगरेप:ग्रेटर नोएडा से बैठाया; बस 47km दौड़ती रही, शीशे पर पर्दे लगे थे, ड्राइवर-कंडक्टर अरेस्ट दिल्ली में 16 साल की छात्रा से चलती स्लीपर बस में गैंगरेप का मामला सामने आया है।

घटना 4 अगस्त की है, पुलिस ने 31 अगस्त को इसकी जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक पीड़ित ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर बस में बैठी। आरोपियों ने उसे कश्मीरी गेट पर छोड़ा। इस दौरान बस करीब 47 किमी दौड़ती रही। बस के शीशों पर पर्दे लगे थे। पूरी खबर पढ़ें…

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर दिल्ली के वजीराबाद इलाके में एक नाबालिग लड़की के खिलाफ सोशल मीडिया पर दोस्ती का झांसा देकर रेप के मामले पर आधारित है। यह विषय बाल अपराध और POCSO एक्ट के तहत संरक्षण की गंभीरता को उजागर करता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि 96.6% POCSO मामलों में आरोपी पहले से ही पीड़ित को जानते हैं, जिससे समाज में जागरूकता और निवारण की आवश्यकता स्पष्ट होती है। आम जनता पर इसका असर यह है कि माता-पिता और शिक्षकों को बच्चों के ऑनलाइन व्यवहार पर अधिक सतर्क रहने की जरूरत है, और कानून प्रवर्तन को

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

इस दुखद घटना से यह स्पष्ट होता है कि सामाजिक संपर्क का दुरुपयोग कितना खतरनाक हो सकता है। हमें डिजिटल दुनिया में सतर्क रहना चाहिए और बच्चों को ऑनलाइन मित्रता की सीमाएँ सिखानी चाहिए। परिवार और समाज को मिलकर जागरूकता कार्यक्रम चलाने चाहिए, जहाँ बच्चे और उनके अभिभावक सुरक्षित संवाद के तरीकों को सीखें। जब भी असुरक्षा महसूस हो, तुरंत भरोसेमंद वयस्क से बात करें और सहायता माँगें। इस प्रकार हम अपराध को रोककर एक सुरक्षित समाज का निर्माण कर सकते हैं।

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