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दिल्ली में SIR नोटिस पर सुनवाई के लिए विशेष कैंप

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 28 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
दिल्ली में SIR नोटिस पर सुनवाई के लिए विशेष कैंप

सितंबर 28, नई दिल्ली: दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत नोटिस पाने वाले मतदाताओं की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी राजधानी में विशेष सुनवाई केंद्र लगाए जा रहे हैं।

इसी कड़ी में मटिया महल विधानसभा क्षेत्र (AC-21) के स्थानीय नागरिकों के लिए विशेष कैंप लगाया गया है, जहां मतदाताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा रहा है।

कैंप में बड़ी संख्या में मतदाता नाम, माता-पिता के नाम में सुधार और उम्र से जुड़े दस्तावेजों के सत्यापन के लिए पहुंच रहे हैं।

एक स्थानीय नागरिक ने बताया कि उनकी पत्नी के मतदाता पहचान पत्र में पिता के नाम से जुड़ी त्रुटि के समाधान के लिए नोटिस मिला था। कैंप में अधिकारियों ने उनकी समस्या सुनी और समाधान किया।

एक अन्य महिला मतदाता ने बताया कि 2002 में आयु सीमा पूरी न होने के कारण उनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया था। बाद में पारिवारिक परिस्थितियों और दस्तावेजों में बदलाव के चलते उन्हें नोटिस मिला।

उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की ओर से घर के नजदीक लगाए गए कैंप में दस्तावेज और फॉर्म जमा करना आसान हो गया है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, इन कैंपों से उन्हें दूर स्थित कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। मतदान केंद्र या आसपास के क्षेत्रों में शिविर लगाए जाने से दस्तावेजों का सत्यापन आसानी से हो रहा है।

कैंप में तैनात अधिकारी और कर्मचारी मतदाताओं को फॉर्म भरने और दस्तावेजों की जांच में सहयोग कर रहे हैं।

निर्वाचन आयोग की ओर से पात्र नागरिकों और खासकर युवा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए भी विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।

इसके तहत दिल्ली के विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भी कैंप लगाए जा रहे हैं।

प्रशासन के अनुसार, SIR नोटिसों के निस्तारण की प्रक्रिया 30 नवंबर तक जारी रहेगी।

दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 4 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी।

दिल्लीभर में लगाए जा रहे इन कैंपों के जरिए मतदाता तय समयसीमा के भीतर अपनी आपत्तियों और दस्तावेजों से जुड़ी त्रुटियों का समाधान करा रहे हैं।

(कैप्शन- डीडी न्यूज़ संवाददाता गिरीश निशाना की ग्राउंड रिपोर्ट )

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।