दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों से 3,000 करोड़ के नुकसान, CTI ने जताई चिंता
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अक्टूबर 18, नई दिल्ली: दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों और आवाजाही में रुकावट का असर कारोबार पर पड़ने का दावा किया गया है। व्यापारिक संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के मुताबिक, अक्टूबर में अब तक दिल्ली के कारोबारियों को करीब 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। संगठन ने आशंका जताई है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो दिवाली तक नुकसान 10,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच सकता है।
CTI के अनुसार, यह नुकसान त्योहारों के उस समय में हुआ है, जब नवरात्रि और दिवाली की खरीदारी से बाजारों में कारोबार बढ़ने की उम्मीद रहती है। संगठन का कहना है कि रास्तों पर रोक, आवाजाही में बाधा और बाजारों तक ग्राहकों की कम पहुंच के कारण कारोबार प्रभावित हुआ है। त्योहारों के लिए तैयार किया गया सामान भी गोदामों में पड़ा है।
CTI के मुताबिक, 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन से करीब 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। वहीं, 13 से 16 अक्टूबर के बीच सेंट्रल दिल्ली में नाकाबंदी, मेट्रो सेवाओं पर असर और सेंट्रल पार्क बंद रहने के कारण कारोबार को करीब 1,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त नुकसान हुआ। इस तरह संगठन ने अक्टूबर में अब तक कुल 3,000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है। इसमें खुदरा कारोबार को करीब 1,800 करोड़ रुपये का नुकसान होने की बात कही गई है।
संगठन के अनुसार, सदर बाजार, चांदनी चौक, कश्मीरी गेट, चावड़ी बाजार, भागीरथ प्लेस, गांधी नगर, नया बाजार, खारी बावली, करावल नगर, करोल बाग, लाजपत राय मार्केट और कनॉट प्लेस समेत दिल्ली के 700 से अधिक बाजार प्रभावित हुए हैं।
CTI का दावा है कि इसका असर दिल्ली-एनसीआर के कारोबार पर भी पड़ा है। सोनीपत, पानीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद समेत आसपास के क्षेत्रों से आने वाले करीब 3 से 4 लाख थोक खरीदार दिल्ली नहीं पहुंच पाए। इससे थोक कारोबार को लगभग 600 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
संगठन के मुताबिक, ट्रकों की आवाजाही प्रभावित होने से आपूर्ति व्यवस्था पर भी असर पड़ा है। हॉस्पिटैलिटी और सेवा क्षेत्र को करीब 300 करोड़ रुपये, परिवहन और पर्यटन क्षेत्र को 180 करोड़ रुपये तथा दिहाड़ी मजदूरों और कारीगरों सहित असंगठित क्षेत्र को लगभग 120 करोड़ रुपये का नुकसान होने का दावा किया गया है।
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने आशंका जताई है कि यदि हर सप्ताह इसी तरह प्रदर्शन होते रहे, तो दिवाली तक कारोबारियों का नुकसान 10,000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। संगठन ने सरकार से दिवाली तक सेंट्रल दिल्ली, नई दिल्ली और लुटियंस जोन में प्रदर्शनों पर रोक लगाने की मांग की है।
हालांकि, नुकसान के ये आंकड़े व्यापारिक संगठन के अनुमान पर आधारित हैं। विरोध-प्रदर्शनों का कारोबार पर वास्तविक असर स्वतंत्र रूप से सत्यापित होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
फ़ाइल फ़ोटो