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4 दिन से लगातार बढ़ रहा गंगा-रामगंगा का जलस्तर:फर्रुखाबाद के गांवों में घरों तक पहुंचा पानी, नदी किनारे के इलाकों में चिंता बढ़ी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 11 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
4 दिन से लगातार बढ़ रहा गंगा-रामगंगा का जलस्तर:फर्रुखाबाद के गांवों में घरों तक पहुंचा पानी, नदी किनारे के इलाकों में चिंता बढ़ी

फर्रुखाबाद में गंगा और रामगंगा नदियों का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। लगातार बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती इलाकों में हालात बिगड़ने लगे हैं। शुक्रवार सुबह गंगा का जलस्तर 137 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 137.10 मीटर से महज 10 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं रामगंगा का जलस्तर 137.40 मीटर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर है।

गंगा और रामगंगा का जलस्तर पिछले चार दिनों से लगातार बढ़ रहा है। इससे तटवर्ती गांवों में बाढ़ का असर बढ़ने लगा है। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी भरने के साथ लोगों के सामने आवागमन और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी परेशानियां बढ़ गई हैं। सड़कों और पुलिया पर बह रहा बाढ़ का पानी सदर तहसील क्षेत्र में बिलावलपुर पुलिया और शमशाबाद-शाहजहांपुर मार्ग पर बाढ़ का पानी बह रहा है।

वहीं बदायूं-फर्रुखाबाद मार्ग पर भी पानी बहने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के साथ कटान भी जारी है, जिससे नदी किनारे के इलाकों में चिंता बढ़ गई है। अमृतपुर के गांवों में घरों तक पहुंचा पानी अमृतपुर तहसील क्षेत्र के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। चित्रकूट समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है।

इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तटवर्ती इलाकों में जलस्तर बढ़ने के साथ बाढ़ का प्रभाव और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। नरौरा बांध से गंगा में छोड़ा गया 77819 क्यूसेक पानी शुक्रवार को नरौरा बांध से गंगा नदी में 77819 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं रामगंगा नदी में खो बैराज से 1138 क्यूसेक, हरेली बैराज से 270 क्यूसेक और रामनगर बैराज से 3478 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने के बीच नदियों के जलस्तर पर नजर बनी हुई है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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