डिंडौरी: मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान और विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा

डिंडौरी। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत जिले में शासन की योजनाओं और सेवाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेते हुए पात्र हितग्राहियों को लगातार लाभान्वित किया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड मेहंदवानी में आयोजित शिविर के दौरान पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा एक प्रदर्शनी स्टाल लगाया गया।
इस शिविर में 39 पशुपालकों को औषधियों का वितरण किया गया तथा मुर्गी पालन, बकरी पालन, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) और सूकर पालन के लिए कई आवेदन प्राप्त हुए। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों द्वारा 10 हितग्राहियों को चारा बीज वितरित किए गए।
मेहंदवानी पशु चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए और संस्था प्रभारी को कृत्रिम गर्भाधान, आधार अपडेशन, सेक्स सॉर्टेड सीमेन और केसीसी के लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री के जिला भ्रमण कार्यक्रम के निर्देशों के तहत मेहंदवानी में शालाओं और छात्रावासों का औचक निरीक्षण किया गया।
जिला परियोजना समन्वयक अमित गौलिया द्वारा वीरांगना रानी दुर्गावती सीनियर कन्या छात्रावास राई, कन्या आश्रम राई, शंकर शाह रघुनाथ शाह सीनियर बालक छात्रावास राई और नेताजी सुभाषचन्द्र बोस बालिका छात्रावास राई का निरीक्षण किया गया।
इस दौरान विद्यार्थियों को साइकिल, पुस्तकें और मध्याह्न भोजन समय पर मिलने तथा साफ-सफाई व शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
इसी क्रम में डिंडौरी के पी.एम.श्री शासकीय महात्मा गांधी बालिका विद्यालय (टाइप-4) और सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धनुआसागर का भी निरीक्षण किया गया, जहाँ व्यवस्थाएं शासन की मंशानुसार संतोषजनक पाई गईं।
निरीक्षण दल में अभिजीत पाण्डे, जिला शिक्षा अधिकारी सुमन परस्ते, प्रवीण कुमार तिवारी और अक्षित कुमार पाण्डे शामिल रहे। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम के तहत अति गंभीर और मध्यम गंभीर कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण में सुधार के लिए घर-घर संपर्क अभियान चलाया गया।
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया और जिला कार्यक्रम अधिकारी श्याम सिंगारे के निर्देशन में अधिकारियों, पर्यवेक्षकों तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने 306 कुपोषित बच्चों के घर-घर जाकर अभिभावकों को पोषण, स्वच्छता और स्वास्थ्य देखभाल की जानकारी दी।
इस दौरान 49 अति गंभीर कुपोषित बच्चों को आवश्यक दवाइयां व पोषण आहार उपलब्ध कराया गया तथा निर्धारित मापदंडों वाले बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया। साथ ही गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों को टेक होम राशन का वितरण किया गया।