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डिंडोरी के 86 वन ग्रामों में जनसमस्या निवारण शिविर, बैगा जनजाति के ग्रामीणों को बड़ी राहत

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 4 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
डिंडोरी के 86 वन ग्रामों में जनसमस्या निवारण शिविर, बैगा जनजाति के ग्रामीणों को बड़ी राहत

वनाधिकार पट्टों के फौती नामांतरण के 1,446 प्रकरणों का निराकरण; वारिसों को गांव में ही मिले पट्टे, वन विभाग की पहल से ग्रामीणों में खुशी।

डिंडोरी, नवंबर 04: जिले में वनांचलों में रहने वाले बैगा जनजाति के ग्रामीणों को राहत देने के लिए वन विभाग द्वारा विशेष जनसमस्या निवारण शिविर लगाए जा रहे हैं। जिले के डिंडोरी, गाड़ासरई और शहपुरा सब डिविजन के 86 वन ग्रामों में प्रत्येक मंगलवार को शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें वनाधिकार अधिनियम के तहत पट्टाधारकों के फौती नामांतरण प्रकरणों का निराकरण किया जा रहा है। अब तक जिले में प्राप्त 1446 प्रकरणों का निराकरण कर वारिसों को पट्टे वितरित किए जा चुके हैं। रामहेपुर वन ग्राम में आयोजित शिविर में ग्रामीणों ने गांव में ही पट्टा मिलने पर खुशी जताई और सरकार तथा वन विभाग की पहल को सराहा।

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बाइट - शैलेन्द्र तिवारी, एसडीओ फॉरेस्ट डिंडोरी

बाइट - मातादीन सिंह बैगा, निवासी राम्हेपुर

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।