डिंडोरी- डिंडौरी जिले ने देश के 100 चयनित जिलों में जुलाई माह में की प्रथम रैंक हासिल
योजना के तहत कृषि, मिलेट उत्पादन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, कृषि मशीनीकरण, पशुपालन, सिंचाई तथा जल संरक्षण सहित विभिन्न क्षेत्रों में विभागीय योजनाओं का समन्वित रूप से संचालन किया जा रहा है। इन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप डिंडौरी जिले ने देश के 100 चयनित जिलों में जुलाई माह के मध्य प्रथम रैंक हासिल की है।
यह उपलब्धि जिले में 11 विभागों द्वारा संचालित 36 योजनाओं के प्रभावी समन्वय, बेहतर क्रियान्वयन तथा योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों का परिणाम है।
योजना के माध्यम से कृषि उत्पादकता बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि, सिंचाई एवं कृषि अधोसंरचना को मजबूत करने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। डिंडौरी जिले की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि, वनोपज और ग्रामीण आजीविका पर आधारित है।
जिले में प्राकृतिक एवं जैविक खेती के साथ श्रीअन्न (मिलेट्स) के उत्पादन को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। जिले मंे 34 हजार 700 हेक्टेयर क्षेत्र में कोदो-कुटकी की खेती की जा रही है, जिससे 52 हजार 282 कृषक परिवार तथा 14 कृषक उत्पादक संगठन सीधे जुड़े हैं।
जिले के पारंपरिक कोदो-कुटकी उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त होने से इन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।