डिंडोरी: गौरा कन्हारी में आयोजित हुआ मुख्यमंत्री जन-विश्वास शिविर, 115 आवेदनों का हुआ त्वरित निराकरण

मुख्यमंत्री 'जन-विश्वास अभियान-2026' के अंतर्गत डिंडोरी जिले की ग्राम पंचायत गौरा कन्हारी में एक भव्य जन-विश्वास शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणजनों ने विभिन्न विभागों से संबंधित अपनी समस्याएं और आवेदन प्रस्तुत किए, जिनमें से कुल 115 आवेदनों का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया।
साथ ही, पात्र हितग्राहियों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत हितलाभ भी वितरित किए गए।
इस शिविर में डिंडोरी विधायक ओंकार मरकाम, शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रेश परस्ते, भाजपा जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम, कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी, अपर कलेक्टर जेपी यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेखा सिंह सहित सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
जनप्रतिनिधियों और कलेक्टर के संबोधन के मुख्य बिंदु ओंकार मरकाम (विधायक, डिंडोरी): जन-विश्वास अभियान शासन की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से प्रशासन ग्रामीणों के द्वार पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है। गांव में शिविर लगने से आमजन को योजनाओं का लाभ सुगमता से मिल रहा है।
ओमप्रकाश धुर्वे (विधायक, शहपुरा): इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। पानी, बिजली, सड़क, आवास और स्वास्थ्य जैसी किसी भी समस्या के समाधान के लिए ग्रामीण शिविरों का पूरा लाभ उठाएं।
अंजू पवन भदौरिया (कलेक्टर): ग्रामीणों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिला अथवा विकासखंड मुख्यालय के चक्कर न काटने पड़ें, इसी उद्देश्य से प्रशासन स्वयं उनके बीच पहुंच रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों पर पूरी गंभीरता से कार्रवाई की जाए। आश्रम निरीक्षण और स्वास्थ्य शिविर
शिविर के दौरान कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने गौरा कन्हारी स्थित राजा शंकर शाह रघुनाथ शाह वृहद बालक आश्रम का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी पढ़ाई और सुविधाओं की जानकारी ली तथा छात्रों को जूते-मोजे व पानी की बोतलें वितरित कीं।
इसके अलावा, शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए कैंप में बुखार, रक्तचाप, कमजोरी जैसी समस्याओं से पीड़ित 64 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और 40 लोगों की रक्त जांच हुई। आयुष विभाग द्वारा भी 70 लोगों का पंजीयन कर उन्हें आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं।