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दीपके बोले- हमारे आंदोलन की तुलना नेपाल-बांग्लादेश से न करें:CJP कार्यकर्ताओं का जेल जाना गांधीवादी सत्याग्रह, बाहर आकर फिर प्रदर्शन करेंगे

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
दीपके बोले- हमारे आंदोलन की तुलना नेपाल-बांग्लादेश से न करें:CJP कार्यकर्ताओं का जेल जाना गांधीवादी सत्याग्रह, बाहर आकर फिर प्रदर्शन करेंगे

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) चीफ अभिजीत दीपके ने मंगलवार को वीडियो मैसेज जारी किया। उन्होंने कहा कि भारत में हो रहे प्रदर्शनों की तुलना नेपाल और बांग्लादेश के सत्ता बदलाव वाले हिंसक प्रदर्शन से करना ठीक नहीं। दीपके ने कहा- सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी पर CJP समर्थक शांत रहें। खुद पर नफरत को हावी न होने दें।

आंदोलन को शांति और प्रेम के रास्ते पर चलते रहना चाहिए। हमने हिंसा का रास्ता नहीं चुना- दीपके मैसेज टु ऑल कॉकरोचेस हैडिंग से जारी वीडियो में दीपके ने कहा, 'सौरव दास और आशुतोष रांका का शांतिपूर्वक जेल जाना गांधीवादी सत्याग्रह का सबूत है। दोनों मुस्कुराते हुए जेल गए और उनके मन में गुस्सा या नफरत नहीं थी।

हमने हिंसा का रास्ता नहीं चुना।' 'भारत के प्रदर्शन विदेशी आंदोलनों से अलग' दीपके ने फ्रांस में हुए हिंसक युवा दंगों और बांग्लादेश-नेपाल के सत्ता बदलाव आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा, 'जो लोग लगातार उंगली उठाकर कहते हैं कि फ्रांस में देखिए क्या हो रहा है, उन्हें शर्म आनी चाहिए। भारत में जो हो रहा है, उसे देखिए।

दीपके बोले- सौरव दास और आशुतोष दोनों को पता था कि उन्हें गैरकानूनी तरीके से जेल भेजा जा रहा है। इसके बावजूद वे शांति से जेल गए। हमारे आंदोलन की तुलना हिंसक सत्ता बदलाव से नहीं की जा सकती। यह वैसा ही है जैसा महात्मा गांधी ने किया था। उनके मुताबिक, गांधी सत्याग्रह के कारण जेल जाते समय शांति से गए थे।

दीपके ने कहा सौरभ और रांका बाहर आने के बाद भी उसी तरह मुस्कुराएंगे। वे ‘इंकलाब जिंदाबाद’ का नारा लगाएंगे और महात्मा गांधी के शांति व अहिंसा के रास्ते पर चलते रहेंगे। सौरव-आशुतोष की हिरासत 21 अक्टूबर तक बढ़ी सौरव दास और आशुतोष रांका को 12 अक्टूबर दिल्ली के जंतर-मंतर में बिना अनुमति जाने के लिए गिरफ्तार किया गया था।

जंतर-मंतर पर अब विरोध नहीं किया जा सकता। गिरफ्तारी के बाद, दास और रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। पांच दिन की न्यायिक हिरासत सोमवार को खत्म हुई थी। इसके बाद उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ाकर 21 अक्टूबर तक कर दी गई है। फ्रांस के प्रदर्शनों पर रिपोर्ट फॉक्स न्यूज डिजिटल की 9 अक्टूबर को प्रकाशित जांच में फ्रांस के छात्र प्रदर्शन आंदोलन और उससे जुड़े समर्थकों के नेटवर्क से जुड़ी 50 संस्थाओं की पहचान की गई।

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📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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