अपराध

डीसी जतिन लाल ने की एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामलों की समीक्षा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 29 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
डीसी जतिन लाल ने की एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामलों की समीक्षा

पीड़ितों को समयबद्ध न्याय और राहत दिलाने पर जोर

सितंबर 28, ऊना (हिमाचल प्रदेश): उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने आज जिला सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामलों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ पीड़ितों को समयबद्ध न्याय, राहत और विधिक संरक्षण उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।

उपायुक्त ने कहा कि जातीय भेदभाव की रोकथाम तथा पीड़ितों के अधिकारों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दर्ज मामलों की जांच में तेजी लाने और न्यायालय में लंबित मामलों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि इनके निस्तारण में अनावश्यक विलंब न हो।

बैठक में जानकारी दी गई कि 31 अगस्त, 2026 तक जिला ऊना में अधिनियम के तहत कुल 76 मामले दर्ज हैं। इनमें 11 मामले पुलिस जांच के स्तर पर हैं, जबकि 60 मामले न्यायालय में लंबित हैं। दो मामलों में अधिनियम की धाराएं खारिज की गई हैं तथा तीन मामलों का निर्णय हो चुका है। उपायुक्त ने बताया कि अधिनियम के तहत पात्र पीड़ितों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार एक लाख रुपये से लेकर 8 लाख 25 हजार रुपये तक की राहत राशि प्रदान करने का प्रावधान है।

यह राशि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार चरणबद्ध तरीके से प्रदान की जाती है। उन्होंने अधिकारियों को पात्र पीड़ितों को राहत राशि समय पर उपलब्ध करवाने के लिए मामलों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिनियम के प्रावधानों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा पीड़ितों को आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाने में सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

बैठक में जिला कल्याण अधिकारी ऊना आवास पंडित, तहसील कल्याण अधिकारी जतिंदर कुमार, डीएसपी ऊना हेमराज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

सभी समाज के हिस्सों को याद दिलाना चाहिए कि जब भी किसी प्रकार का अन्याय या असमानता सामने आए, तो शांतिपूर्ण और कानूनी मार्ग अपनाना सबसे बेहतर है। पीड़ितों को सहानुभूति और समर्थन देकर, हम उन्हें न्याय की दिशा में आगे बढ़ने का साहस देते हैं। कानून के प्रति जागरूकता और समय पर कार्रवाई से ही समाज में समानता और सम्मान की नींव मजबूत होती है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।