दो दिवसीय मारवाड़ महोत्सव का आगाज
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पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े उत्सव मारवाड़ महोत्सव 2026 का भव्य आगाज सूर्य नगरी जोधपुर में हुआ। इस दो दिवसीय महोत्सव का मुख्य उद्देश्य मारवाड़ की समृद्ध संस्कृति को आमजन तक पहुँचाना, इसे एक राष्ट्रीय व वैश्विक मंच प्रदान करना है।
24 अक्टूबर, जोधपुर। पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े उत्सव मारवाड़ महोत्सव 2026 का भव्य आगाज सूर्य नगरी जोधपुर में हुआ। राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय महोत्सव का मुख्य उद्देश्य मारवाड़ की समृद्ध संस्कृति को आमजन तक पहुँचाना, इसे एक राष्ट्रीय व वैश्विक मंच प्रदान करना और विलुप्त हो रही लोक कलाओं का संरक्षण करना है। इस आयोजन में सीमा सुरक्षा बल (BSF), पुलिस प्रशासन और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं का सक्रिय और समग्र योगदान रहा है।
मेहरानगढ़ से सूर्य आराधना और हेरिटेज वॉक के साथ शुरुआत
महोत्सव की शुरुआत सुबह मेहरानगढ़ से सूर्य को अर्घ्य देने और हेरिटेज वॉक के साथ हुई। जोधपुर के ऐतिहासिक घंटाघर से उम्मेद स्टेडियम तक एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बीएसएफ के सजे-धजे ऊंटों के दस्ते, स्कूली छात्र-छात्राओं और केसरिया साफा पहने प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। घंटाघर से शुरू हुई यह हेरिटेज वॉक विभिन्न मार्गों से होते हुए उम्मेद स्टेडियम में जाकर संपन्न हुई।
उम्मेद स्टेडियम में बीएसएफ द्वारा हथियारों की प्रदर्शनी भी लगाई गई वहीं जयनारायण विश्वविद्यालय के कला विभाग द्वारा राजस्थान संस्कृति को प्रदर्शित करती मांडना कला और विभिन्न चित्रकलाओं का प्रदर्शन भी किया गया।
सीमा सुरक्षा बल बीएसएफ के ऊंट दस्ते का विशेष प्रदर्शन
इस दौरान बीएसएफ के ऊंट दस्ते ने शानदार फॉर्मेशन बनाकर नृत्य और योग का प्रदर्शन किया, जो दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। वहीं बीएसएफ ने ऊंट दस्ते के साथ में एयरोबैटिक्स करते हुए प्रदर्शन किया जिसे दर्शकों का मन मोह लिया।
रेगिस्तान का जहाज कहे जाने वाले ऊंटों की भारतीय सेना की बीएसएफ में अपनी अलग ही पहचान है। ऊंटों की ये टोली सीमा की सुरक्षा में तैनात रहने के अलावा राजपथ पर होने वाली परेड में भी हिस्सा लेकर अपनी महत्ता दिखाती है। राजपथ पर परेड में शामिल होने के अलावा बीएसएफ की ऊंटों की इन टुकड़ी को कई बार विदेशी मेहमानों का स्वागत और उनका सम्मान करने के लिए भी बुलाया जाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के स्वागत और सम्मान के लिए भी इन ऊंटों की टुकड़ी को बुलाया गया था।
परेड में शामिल किए जाने वाले इन ऊंटों का श्रृंगार दुल्हन की तरह किया जाता है। पांव से लेकर गर्दन और पीठ पर इनको सजाने के लिए सामग्रियां रखी जाती है। उसके बाद इनके ऊपर बीएसएफ के जवान भी मूंछों पर ताव देते हुए और शाही वेश में बैठते हैं।
विभिन्न पारंपरिक प्रतियोगिताएँ और आकर्षण
उम्मेद स्टेडियम पहुँचने के बाद विभिन्न पारंपरिक और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का दौर शुरू हुआ, जिसमें मिस्टर मारवाड़ और मिस मारवाड़ प्रतियोगिताएँ, मारवाड़ श्री और मटका दौड़, टग ऑफ वॉर (रस्सी खींच) और पारंपरिक मूंछ व साफा प्रतियोगिताएँ, ऊँटों का कैमेल टैटू शो आकर्षण का केंद्र रहें। इसके अलावा हस्तशिल्प मेले और पतंगबाजी ने भी पर्यटकों का मन मोह लिया।
महाराष्ट्र के ठाणे से आईं पर्यटक कविता देशपांडे ने जोधपुर में एक साथ इतने सजे-धजे ऊँटों और इस भव्य आयोजन को देखने के अपने अनुभव को साझा करते हुए इसे बेहद रोमांचक और पैसा वसूल यात्रा बताया।
सांस्कृतिक संध्या और हस्तशिल्प मेला
महोत्सव के पहले दिन शाम को अशोक उद्यान में सेलिब्रिटी संध्या का आयोजन किया जायेगा, जिसमें प्रसिद्ध लोक कलाकारों के साथ इंडियन आइडल फेम पीयूष पवार ने अपनी प्रस्तुति देंगे।
बीकानेर के रोबिला ग्रुप - केबीसी ग्रुप के किशोर व्यास और राजस्थान की 2025 617 मीटर लंबी सबसे बड़ी पगड़ी जो वजन में 25-30 किलो बांधने वाले रमेश व्यास जैसे अनूठे कलाकारों ने अपनी कला के माध्यम से राजस्थानी संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ओसियाँ में होगा महोत्सव का समापन
दो दिवसीय इस कार्यक्रम के दूसरे और अंतिम दिन ओसियाँ में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें सुबह की शोभायात्रा, खेलकूद गतिविधियाँ स्पोर्ट्स एक्टिविटीज तथा शाम को भव्य सांस्कृतिक संध्या और आतिशबाजी के साथ इस प्रतिष्ठित मारवाड़ महोत्सव का समापन किया जाएगा।
बाइट सरिता फ़िरोदा उप निदेशक पर्यटन विभाग
बाइट रमेश व्यास साफा कलाकार
बाइट श्याम सुंदर जोशी साफा कलाकार बीकानेर
बाइट वर्षा सेनी बीकानेर भावई नृत्यांगना
बाइट किशोर कल्ला रोबीला ग्रुप बीकानेर
बाइट मुकेश सिंह राजपुरोहित कलाकार
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