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दिव्यांग बच्चों के हुनर से जगमगाएगी दीपावली

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 1 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
दिव्यांग बच्चों के हुनर से जगमगाएगी दीपावली

बीकानेर के दिव्यांग सेवा संस्थान में दिवाली की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। यहां दिव्यांग बच्चे अपने हुनर, मेहनत और कल्पनाशीलता से मिट्टी के साधारण दीयों को आकर्षक रूप दे रहे हैं। रंगों और खूबसूरत डिजाइनों के जरिए बच्चे अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके लिए यह पहल केवल दीपावली की तैयारी नहीं, बल्कि अपनी क्षमताओं को पहचानने और आत्मविश्वास के साथ अभिव्यक्त करने का एक अनूठा अवसर भी है।

बीकानेर, 1 नवंबर। दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है और घरों में भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। वहीं, बीकानेर के दिव्यांग सेवा संस्थान में भी दीपावली को लेकर खास तैयारियां की जा रही हैं। यहां नन्हे दिव्यांग बच्चे अपने हुनर और कल्पनाशीलता से मिट्टी के साधारण दीयों को आकर्षक रूप देने में जुटे हुए हैं।

कोई दीयों को खूबसूरत रंगों से सजा रहा है, तो कोई उन पर आकर्षक डिजाइन उकेर रहा है। वहीं, कुछ बच्चे आर्ट एंड क्राफ्ट के जरिए अपनी रचनात्मक प्रतिभा को नए आयाम दे रहे हैं। इन बच्चों के लिए दीये बनाना महज एक गतिविधि नहीं, बल्कि अपनी प्रतिभा को पहचानने, आत्मविश्वास बढ़ाने और अपनी क्षमताओं को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर है।

संस्थान के कार्मिकों और शिक्षकों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से बच्चों को अपनी रचनात्मकता दिखाने के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी मिलती है। इन नन्हे हाथों से तैयार हो रहे दीये इस दीपावली पर सिर्फ घरों को रोशन नहीं करेंगे, बल्कि समाज को हुनर, हौसले और आत्मविश्वास का संदेश भी देंगे।

राजेश कुमार – कार्मिक, दिव्यांग सेवा संस्थान, बीकानेर।

कुलवंत कुमार – शिक्षक, दिव्यांग सेवा संस्थान, बीकानेर।

अंजू शर्मा – शिक्षिका, दिव्यांग सेवा संस्थान, बीकानेर।

सुहाना – छात्रा, दिव्यांग सेवा संस्थान, बीकानेर।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।