ड्राफ्ट तैयार...:अब बीस साल तक के लिए ही मिलेगा लिफ्ट- एस्केलेटर संचालन का लाइसेंस
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →प्रदेशभर की बहुमंजिला इमारतों, शॉपिंग मॉल, अस्पतालों, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और आवासीय परिसरों में लगातार बढ़ रहे लिफ्ट हादसों पर अंकुश लगाने और लोगों को सुरक्षा देने के लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने लिफ्ट पॉलिसी का डिटेल ड्राफ्ट ‘मध्य प्रदेश लिफ्ट्स, एस्केलेटर्स एंड मूविंग वॉक बिल-2026’ तैयार कर लिया है।
इसके तहत अब राज्य में बिना अनुमति किसी भी लिफ्ट, एस्केलेटर या मूविंग वॉक को स्थापित या संचालित करना पूरी तरह अवैध होगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले भवन स्वामियों और एजेंसियों पर दो लाख रुपए तक के जुर्माने का कड़ा प्रावधान किया गया है। निरंतर उल्लंघन की स्थिति में प्रतिदिन एक हजार रुपए तक का अतिरिक्त जुर्माना भी लगेगा।
इसके अलावा लिफ्ट या एस्केलेटर चलाने के लिए अधिकतम 20 साल की वैधता वाला लाइसेंस मिलेगा। प्रमुख सुरक्षा प्रावधान और दंड के कड़े बिंदु अनिवार्य थर्ड-पार्टी बीमा: प्रत्येक लिफ्ट, एस्केलेटर और मूविंग वॉक का थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य कर दिया गया है। इससे किसी भी अप्रिय हादसे या दुर्घटना की स्थिति में राहत सुनिश्चित हो सकेगी।
असुरक्षित लिफ्ट की सीलिंग: यदि निरीक्षण या आवधिक सुरक्षा ऑडिट के दौरान कोई लिफ्ट या एस्केलेटर असुरक्षित पाया जाता है, तो सक्षम प्राधिकारी उसे तुरंत बंद करने का निर्देश दे सकता है। आदेश न मानने पर उसे सील किया जा सकता है। निर्माताओं और एजेंसियों का पंजीयन: सभी निर्माताओं, संस्थापन एजेंसियों और एएमसी प्रदाताओं को सक्षम प्राधिकारी के पास पंजीकृत होना होगा।
नियमों के उल्लंघन पर उनका पंजीयन रद्द किया जा सकता है। सख्त कार्रवाई और जुर्माना: अधिनियम के प्रावधानों या अधिकारियों के निर्देशों का उल्लंघन करने पर, दोषी पाए जाने पर दो लाख रुपए तक का जुर्माना वसूला जाएगा। निरंतर उल्लंघन की स्थिति में प्रतिदिन एक हजार रुपए तक का अतिरिक्त जुर्माना भी लगेगा।
ड्राफ्ट पर अब सीनियर सेक्रेटरी कमेटी से सहमति जरूरी प्रस्तावित अधिनियम के अनुसार, किसी भी परिसर में लिफ्ट या एस्केलेटर लगाने से पहले भवन मालिक को निर्धारित शुल्क और पूर्ण इरेक्शन प्लान के साथ मुख्य निरीक्षक (लिफ्ट) के समक्ष आवेदन करना होगा। आवेदन मिलने के 60 दिनों के भीतर मुख्य निरीक्षक लिखित अनुमति देगा।
यह अनुमति एक वर्ष के लिए वैध होगी। विशेष कारणों से इसे छह-छह महीने के लिए बढ़ाया जा सकेगा। निर्माण या संस्थापन कार्य पूरा होने के बाद मालिक को एक महीने के भीतर संचालन अनुमति के लिए आवेदन करना होगा। ड्राफ्ट पर अब सीनियर सेक्रेटरी कमेटी से सहमति ली जाएगी। लाइसेंस समाप्ति से पहले नवीनीकरण कराना होगा ड्राफ्ट में लाए गए नियमों के मुताबिक, लिफ्ट या एस्केलेटर के संचालन के लिए मिलने वाला लाइसेंस अधिकतम बीस वर्ष की अवधि या निर्माता द्वारा उपकरण की तय अवधि (जो भी पहले हो) तक वैध होगा।
लाइसेंस की समय-सीमा समाप्त होने से पहले उसका नवीनीकरण कराना अनिवार्य होगा। इसे अधिकतम पांच वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकेगा। इसके अलावा, प्रत्येक भवन मालिक के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वह मूल उपकरण निर्माता या उनके अधिकृत सेवा प्रदाता के साथ व्यापक वार्षिक रखरखाव अनुबंध करे। सभी स्थापना और रखरखाव के काम केवल ‘अप्रूव्ड कॉन्ट्रैक्टर’ से ही कराए जाने का प्रावधान किया गया है, ताकि संचालन में कोई समस्या नहीं आए।
📡 स्रोत: NewsData.io