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ड्रिप लगी कलाई पर बहन ने बांधा प्यार का धागा, जन्माष्टमी पर कृष्ण से माँगी भाई की जिंदगी

लेखक: Ranu Parihar अंतिम अपडेट: 4 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
ड्रिप लगी कलाई पर बहन ने बांधा प्यार का धागा, जन्माष्टमी पर कृष्ण से माँगी भाई की जिंदगी

अस्पताल के बेड पर बंधी राखी, छलके भाई-बहन के आंसू - बहन बोली, कृष्ण मेरे भाई की रक्षा करो

झांसी। जन्माष्टमी का पर्व, जिसे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, इस बार झांसी के शंकर हॉस्पिटल में एक अलग ही भावुक दृश्य लेकर आया। यहां अस्पताल का एक कमरा मंदिर बन गया, अस्पताल का बेड ही पूजा की चौकी बन गया और एक बहन की आंखों से बहते आंसू ही प्रार्थना के फूल बन गए।

हॉस्पिटल के बेड पर उपचाराधीन हैं पत्रकार रानू परिहार। शरीर अस्वस्थ है, हाथों में ड्रिप लगी है, चेहरे पर बीमारी की थकान है। लेकिन इसी बेड पर आज कुछ ऐसा हुआ जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं। उनकी बहन हाथों में राखी, रोली और एक छोटी सी कृष्ण की मूर्ति लेकर अस्पताल पहुंची।

बहन ने कांपते हाथों से भाई की कलाई पर राखी बांधी। जैसे ही राखी बंधी, भाई-बहन दोनों की आंखों से आंसू छलक पड़े। यह आंसू रक्षाबंधन के नहीं, बल्कि जिंदगी की जंग में एक बहन के अटूट विश्वास के थे। बहन ने भाई का हाथ थाम कर कहा - "कृष्ण मेरे भाई की रक्षा करो।" यह सुनते ही पूरे वार्ड में सन्नाटा छा गया।

जन्माष्टमी पर जहां लोग मंदिरों में श्रीकृष्ण से खुशियां मांग रहे थे, वहीं एक बहन अस्पताल के बेड पर बैठकर अपने बीमार भाई के लिए जिंदगी की दुआ मांग रही थी। उसने श्रीकृष्ण की मूर्ति को भाई के सिरहाने रखा और हाथ जोड़कर प्रार्थना करने लगी। बहन ने कहा, "भैया, हर साल तुम मुझसे कहते थे कि मैं चिंता मत कर, मैं हूं।

आज कृष्ण जन्माष्टमी है, आज मैंने कान्हा जी को ही तुम्हारी रक्षा की जिम्मेदारी दी है। तुम जल्दी ठीक हो जाओगे।" भाई की आंखें भी भर आईं। उन्होंने धीरे से कहा कि इस राखी में दवा से भी ज्यादा ताकत है। यह राखी नहीं, बहन का आशीर्वाद है जो उन्हें इस कठिन समय में लड़ने की हिम्मत दे रहा है।

जन्माष्टमी पर अस्पताल बना मंदिर का यह दृश्य बताता है कि भाई-बहन का रिश्ता किसी भी दवा से बड़ा होता है। जब एक बहन अपने भाई के लिए श्रीकृष्ण से जिंदगी मांगती है, तो यकीनन भगवान को भी सुनना पड़ता है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर एक भावुक घटना पर आधारित है जहाँ एक बहन ने अपने घायल भाई की कलाई पर ड्रिप लगी होने के बावजूद उसे प्यार का धागा बांधकर भगवान कृष्ण से उसकी रक्षा की प्रार्थना की। यह विषय परिवार के प्रेम और रोगी के प्रति सहानुभूति को दर्शाता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि कैसे पारिवारिक समर्थन और धार्मिक विश्वास अस्पताल के माहौल को भी सकारात्मक बना सकते हैं। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि लोग रोगी के प्रति अधिक सहानुभूति दिखाएँ, परिवार के बीच बंधन मजबूत हों और अस्पतालों में आध्यात्मिक

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Ranu Parihar

रानू परिहार शिवपुरी के वरिष्ठ पत्रकार हैं, जो लंबे समय से जनसमस्याओं और सामाजिक मुद्दों को अपनी पत्रकारिता के माध्यम से सामने लाते हैं। वे जमीनी स्तर की खबरों और जनसरोकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाते हैं।