राज्य

ड्रिप, मल्चिंग और गेंदे की अंतरवर्तीय खेती अपनाकर कर रहे नवाचार

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 29 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
ड्रिप, मल्चिंग और गेंदे की अंतरवर्तीय खेती अपनाकर  कर रहे नवाचार

किसान श्री पाटीदार ने एक बीघा खेत में मिर्ची की फसल लेने के लिए जून माह में पौध तैयार की तथा जुलाई माह में खेत में रोपाई की। फसल में पानी के बेहतर प्रबंधन और नमी बनाए रखने के उद्देश्य से उन्होंने ड्रिप सिंचाई पद्धति एवं मल्चिंग तकनीक का उपयोग किया। इन आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर वे फसल प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बना रहे हैं।

किसान श्री पाटीदार ने मिर्ची की फसल के बीच गेंदे के फूलों के पौधे भी लगाए हैं। इस प्रयोग से उन्हें मिर्ची के साथ गेंदे के फूलों की उपज प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। गेंदे की अंतरवर्तीय खेती से अतिरिक्त आय का माध्यम तैयार हुआ है। साथ ही, गेंदे के पौधे कुछ कीटों के प्रबंधन में सहायक हो सकते हैं तथा खेत में निमेटोड के प्रभाव को नियंत्रित करने में भी मदद कर सकते हैं। इस प्रकार किसान एक ही खेत में अलग-अलग फसलों के माध्यम से खेती की उपयोगिता बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।

उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में किसान विशाल पाटीदार ने मिर्ची की खेती में आधुनिक तकनीकों और अंतरवर्तीय फसल पद्धति को अपनाया है। उनका यह प्रयास अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायक है कि वे पारंपरिक खेती के साथ वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन और आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

किसान श्री विशाल पाटीदार ने अन्य किसान भाइयों से अपील की है कि वे उद्यानिकी विभाग से जुड़ें, विभागीय मार्गदर्शन प्राप्त करें और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर अपनी खेती को अधिक लाभकारी बनाने का प्रयास करें।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

किसान श्री पाटीदार ने अपने एक बीघा के खेत में मिर्ची के साथ गेंदे के पौधे अंतरवर्तीय खेती के रूप में लगाकर ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक अपनाई है। यह विषय आधुनिक कृषि प्रबंधन और जल संरक्षण के तरीकों पर आधारित है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि छोटे किसानों को भी नई तकनीकों से फसल उत्पादन बढ़ाने और पानी की बचत करने का अवसर मिलता है। यदि इस तरह के तरीकों को व्यापक रूप से अपनाया जाए तो आम जनता को ताज़ी और सस्ती सब्ज़ियों की उपलब्धता बढ़ेगी, साथ ही जल संसाधनों पर दबाव कम होगा।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।