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दुधारू पशुओं की संख्या 1.24 करोड़ पर स्थिर:5 साल से एक भी दुधारू पशु नहीं बढ़ा, पर दूध उत्पादन 33.27 लाख टन बढ़ गया

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 13 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
दुधारू पशुओं की संख्या 1.24 करोड़ पर स्थिर:5 साल से एक भी दुधारू पशु नहीं बढ़ा, पर दूध उत्पादन 33.27 लाख टन बढ़ गया

मप्र में पिछले 5 साल से दुधारू पशुओं की संख्या में एक भी अंक का बदलाव नहीं हुआ, पर दूध उत्पादन 33.27 लाख मीट्रिक टन यानी 18% बढ़ गया। यह इतना दूध है कि रोज 1 लीटर के हिसाब से 8.8 करोड़ लोगों को एक साल दूध दिया जा सकता है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग के रिकॉर्ड में 2020-21 में 71,78,570 दुधारू गाय व 52,06,465 भैंस यानी कुल 1,23,85,035 दुधारू पशु थे।

2024-25 तक हर साल यही संख्या दर्ज है। इसके उलट दूध उत्पादन 2020-21 के 179.99 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 2021-22 में 190.24 लाख टन, 2022-23 में 201.22 लाख टन और 2023-24 में 213.26 लाख टन पहुंच गया। 2024-25 में भी यह 213.26 लाख टन रहा। हैरानी वाली बात यह है कि विभाग जांच के बजाय इन आंकड़ों को सही ठहर रहा है।

पशुपालन विभाग के अतिरिक्त उपसंचालक डॉ.

संजय भारती का कहना है कि नस्ल सुधार के कारण प्रति पशु दुग्ध उत्पादन बढ़ा है। गायों में यह 3.30 लीटर और भैंसों में 4.30 लीटर चल रहा है। सिंथेटिक दूध की कोई शिकायत हमें नहीं मिली है। जमीन पर: 70% डेयरियां बंद, 500 भैंसें थीं, अब 100 हैं भास्कर ने 8 जगह कराई दूध की टेस्टिंग, 5 जगह मिलावट मिली नकली दूध की रेसिपी: 3 पाउच शैंपू, 1 लीटर रिफाइंड, 200 मिली दूध और 10 लीटर तैयार ग्वालियर-चंबल में नकली दूध का कारोबार किस तरह चल रहा है, इसका खुलासा इस धंधे से जुड़े रहे एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर किया।

उसने बताया कि 10 लीटर नकली दूध तैयार करने के लिए शैंपू के 3 पाउच, 1 लीटर रिफाइंड, 200 मिली शुद्ध दूध के साथ डिटर्जेंट पाउडर, यूरिया और ग्लूकोज पाउडर इस्तेमाल किया जाता है। इनका गाढ़ा घोल बनाकर उसमें पानी मिलाया जाता है। इस तरह 10 लीटर नकली दूध तैयार होता है। इसके बाद 10 लीटर नकली दूध में 10 लीटर शुद्ध दूध मिलाकर 20 लीटर कर दिया जाता है।

यही सप्लाई होता है। कारोबारी के मुताबिक त्योहारों व मांग बढ़ने के समय नकली दूध की सप्लाई भी बढ़ जाती है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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