दूधी बचानी है तो कचरा नदी तक पहुंचने से रोकना होगा: डॉ राजकुमार मालवीय
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
डॉ. राजकुमार मालवीय ने ग्रामीणों को समझाया वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, बोले- घर से शुरू करें नदी बचाने की मुहिम
अतरालिया जावर/सीहोर। दूधी नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए अब कचरे को नदी तक पहुंचने से रोकने की जरूरत है। गांवों से निकलने वाला कचरा नालियों के जरिए नदी में पहुंचा तो जलस्रोत प्रभावित होंगे। इसी जनसरोकार को लेकर अतरालिया जावर में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ।
मुख्य विषय विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार मालवीय ने ग्रामीणों को बताया कि नदी संरक्षण की पहली कड़ी घर से निकलने वाला कचरा है। गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने से उसका वैज्ञानिक निपटान आसान होगा। गीले कचरे से खाद बनाई जा सकती है, जबकि प्लास्टिक सहित सूखे कचरे का पुनर्चक्रण या उचित निपटान किया जाना चाहिए।
डॉ. मालवीय ने कहा कि दूधी नदी को बचाने की जिम्मेदारी सिर्फ प्रशासन की नहीं है। ग्रामीणों की जागरूकता और सहभागिता से ही नदी को प्रदूषण से मुक्त रखा जा सकता है। गांव में कचरा प्रबंधन मजबूत होगा तो नदी और पर्यावरण दोनों सुरक्षित रहेंगे।
मां हिंगलाज सेवा समिति द्वारा आयोजित और मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, विज्ञान भवन भोपाल द्वारा प्रायोजित परियोजना के तहत दूधी नदी बेसिन के गांवों में कचरा प्रबंधन, नदी संरक्षण और ग्रामीण आजीविका विकास को लेकर विज्ञान-तकनीक आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में शिवनारायण तोमर, विक्रम सिंह, शोधार्थी अभिषेक, गब्बर चौहान, खुशबू मेहरा, अनोखीलाल, मांगीलाल पटेल, अर्जुन रणथंभौर और विकास तिवारी सहित ग्रामीण मौजूद रहे।