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दुमका के रेशम किसान शम्भूनाथ देहरी को राष्ट्रीय सम्मान

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
दुमका के रेशम किसान शम्भूनाथ देहरी को राष्ट्रीय सम्मान

Relevance: Priority Slug: RESHAM KISAN SAMMAN

Short Headline: दुमका के रेशम किसान शम्भूनाथ देहरी को राष्ट्रीय सम्मान

Synopsis: दुमका के रेशम किसान शम्भूनाथ देहरी को बेंगलुरु में केंद्रीय रेशम बोर्ड के 77वें स्थापना दिवस समारोह में ‘प्राइवेट ग्रेन्योर’ श्रेणी में राष्ट्रीय सम्मान मिला।

Category: Government , Planning , Art & Culture , Business , Economy

Deadline : 20 SEPTEMBER, BANGLURU , RANCHI

20 सितंबर, बेंगलुरु/रांची: दुमका जिले के मधुबन निवासी रेशम किसान शम्भूनाथ देहरी को केंद्रीय रेशम बोर्ड के 77वें स्थापना दिवस के अवसर पर बेंगलुरु स्थित गांधी कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित सम्मान समारोह में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने उन्हें ‘प्राइवेट ग्रेन्योर’ यानी निजी बीज उत्पादक श्रेणी में पुरस्कार प्रदान किया।

रेशम उत्पादन के क्षेत्र में शम्भूनाथ देहरी की उपलब्धि को झारखंड के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान से राज्य के रेशम किसानों की पहचान को भी मजबूती मिली है।

समारोह में झारखंड के हस्तकरघा, रेशम एवं हस्तशिल्प निदेशक समेत विभिन्न राज्यों के निदेशक और कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

दुमका के रेशम किसान शम्भूनाथ देहरी को बेंगलुरु में केंद्रीय रेशम बोर्ड के 77वें स्थापना दिवस समारोह में ‘प्राइवेट ग्रेन्योर’ श्रेणी में राष्ट्रीय सम्मान मिला। यह विषय रेशम उत्पादन और ग्रामीण उद्यमिता को दर्शाता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह रेशम किसानों के कठिन परिश्रम और नवाचार को मान्यता देती है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलती है। इसके अलावा, यह राष्ट्रीय स्तर पर रेशम उद्योग की प्रगति और ग्रामीण विकास के बीच संबंध को उजागर करता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि ग्राम

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।