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दुनिया की सबसे बदसूरत कुतिया बनी जिन्नी लू, मोतियों के हार और लटकती जीभ ने बनाया स्टार

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 20 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
दुनिया की सबसे बदसूरत कुतिया बनी जिन्नी लू, मोतियों के हार और लटकती जीभ ने बनाया स्टार

सांता रोजा. दुनिया की सबसे अनोखी और चर्चा में रहने वाली कुत्तों की प्रतियोगिताओं में से एक में इस बार छह वर्षीय पग जिन्नी लू ने बाजी मार ली है. दक्षिण कोरिया से रेस्क्यू होकर अमेरिका पहुंची जिन्नी लू ने 14 अगस्त को कैलिफोर्निया के सांता रोजा में आयोजित 2026 World’s Ugliest Dog Contest का खिताब अपने नाम किया.

उसने आठ अन्य प्रतियोगियों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया. यह प्रतियोगिता इस वर्ष अपनी 50वीं वर्षगांठ भी मना रही थी. जिन्नी लू की जीत सिर्फ उसके अलग तरह के चेहरे की वजह से चर्चा में नहीं है, बल्कि उसकी पूरी कहानी लोगों का ध्यान खींच रही है.

उसकी सबसे खास पहचान बाहर निकली और लगातार लटकती रहने वाली लंबी जीभ, उभरी हुई आंखें और चेहरे पर गहरी झुर्रियां हैं. प्रतियोगिता में उसका अंदाज और व्यक्तित्व भी निर्णायकों को प्रभावित करने में कामयाब रहा.

खास बात यह है कि जिन्नी लू इस प्रतियोगिता में इससे पहले भी हिस्सा ले चुकी थी और इस बार चौथे प्रयास में उसे चैंपियन बनने का मौका मिला. पिछले वर्ष वह दूसरे स्थान पर रही थी. जिन्नी लू की मालकिन मिशेल ग्रेडी कैलिफोर्निया के उकिया में रहती हैं.

जीत के बाद जिन्नी लू और उसकी मालकिन को ट्रॉफी के साथ 5,000 डॉलर का पुरस्कार मिला. इसके अलावा उसकी तस्वीर सीमित संस्करण वाले Mug Root Beer के कैन पर भी दिखाई जाएगी.

प्रतियोगिता में दूसरा स्थान पिंकी नाम की चिहुआहुआ-पोमेरेनियन मिक्स कुतिया को मिला, जबकि तीसरे स्थान पर चिहुआहुआ मिक्स ओटो रहा. पिंकी को 3,000 डॉलर और ओटो को 2,000 डॉलर का पुरस्कार दिया गया. जिन्नी लू का लुक जितना असामान्य है, उसका व्यवहार उतना ही आकर्षक बताया जाता है.

उसकी मालकिन के अनुसार वह शांत, प्यार करने वाली और साथ रहने में बेहद सहज है, लेकिन इसके साथ ही काफी जिज्ञासु और शरारती भी है. उसे इधर-उधर की चीजें तलाशना, पर्स में झांकना और आईने में खुद को देखना पसंद है.

उसके लिए विशेष रूप से एक मोतियों का हार भी तैयार कराया गया, जिस पर उसका नाम लिखा है. यही हार उसकी पहचान का हिस्सा बन गया है. खिताब जीतने के बाद जिन्नी लू को अमेरिका में खास पहचान मिल रही है.

वह न्यूयॉर्क में भी नजर आई और वहां उसके प्रशंसकों ने उसके साथ तस्वीरें खिंचवाईं. अपनी यात्रा के दौरान वह ब्रॉडवे शो “द आउटसाइडर्स” देखने भी पहुंची. प्रतियोगिता के निर्णायकों में शामिल NBC संवाददाता गाडी श्वार्ट्ज ने भी उसकी असाधारण जीभ और चेहरे की विशेषताओं को उसकी जीत की वजहों में गिना.

उसकी लंबी जीभ हालांकि उसके लिए रोजमर्रा की जिंदगी में थोड़ी परेशानी भी पैदा करती है और खाने के समय अक्सर लार टपकने की वजह से गंदगी हो जाती है. लेकिन जिन्नी लू की असली कहानी उसके रूप से कहीं आगे जाती है. रिपोर्टों के मुताबिक उसे करीब चार साल पहले दक्षिण कोरिया में बेहद खराब परिस्थितियों से बचाया गया था.

उसे पहाड़ी इलाके में एक झोपड़ी के पास से रेस्क्यू किया गया और बाद में वह अमेरिका पहुंची. वहां उसे नया घर मिला और धीरे-धीरे वह एक खुशमिजाज और मिलनसार पालतू जानवर बन गई. उसके जीवन का यह बदलाव ही इस प्रतियोगिता की मूल भावना को सामने लाता है.

World’s Ugliest Dog प्रतियोगिता का नाम भले ही “दुनिया का सबसे बदसूरत कुत्ता” है, लेकिन आयोजकों का कहना है कि इसका उद्देश्य जानवरों का मजाक उड़ाना नहीं है. प्रतियोगिता ऐसे कुत्तों की अनोखी खूबसूरती और व्यक्तित्व को सामने लाने के लिए आयोजित की जाती है, जिन्हें सामान्य तौर पर पारंपरिक सुंदरता के पैमाने पर नहीं आंका जाता.

आयोजन के माध्यम से पशु गोद लेने और रेस्क्यू किए गए कुत्तों को घर देने का संदेश भी दिया जाता है. जिन्नी लू भी इसी संदेश की एक मिसाल बन चुकी है. वह अब दूसरे रेस्क्यू कुत्तों के साथ स्कूलों में जाकर लोगों को पालतू जानवरों को गोद लेने के लिए प्रेरित करती है.

इसके अलावा वह हॉस्पिस और मेमोरी-केयर सेंटरों में रहने वाले लोगों के साथ भी समय बिताती है. इस वजह से उसका सार्वजनिक जीवन केवल प्रतियोगिता जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि पशु कल्याण से भी जुड़ा हुआ है.

इस प्रतियोगिता के 50 साल पूरे होने के मौके पर जिन्नी लू की जीत ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि सुंदरता का पैमाना आखिर तय कौन करता है. जिन्नी लू के चेहरे की असामान्य बनावट और बाहर निकली जीभ ने उसे सामान्य अर्थों में आकर्षक नहीं बनाया, लेकिन उसके व्यक्तित्व और संघर्ष की कहानी ने उसे लोगों का चहेता बना दिया.

प्रतियोगिता में निर्णायक केवल बाहरी रूप नहीं देखते, बल्कि कुत्ते के व्यक्तित्व और उसकी कहानी को भी महत्व देते हैं. जिन्नी लू की कहानी इस मायने में भी खास है कि जिस कुत्ते को कभी मुश्किल परिस्थितियों से बचाकर नया जीवन दिया गया था, वही आज हजारों लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया है.

एक समय रेस्क्यू की जरूरत वाली यह पग अब पुरस्कार विजेता है, टीवी कार्यक्रमों में नजर आ रही है और पशु गोद लेने का संदेश दे रही है. इस तरह “दुनिया की सबसे बदसूरत कुतिया” का खिताब जिन्नी लू के लिए केवल एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि उसके जीवन के बदलाव की कहानी बन गया है.

उसके मोतियों के हार, लटकती जीभ और अनोखे चेहरे ने उसे प्रतियोगिता का विजेता जरूर बनाया, लेकिन रेस्क्यू से लेकर लोगों के बीच पहचान बनाने तक का सफर ही उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि माना जा सकता है.

📡 स्रोत: NewsData.io

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