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दुर्ग में कारोबारी गुलशन बघेल के ठिकाने पर ED की छापेमारी, भारतमाला प्रोजेक्ट से जुड़े मामले की आशंका

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 27 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
दुर्ग में कारोबारी गुलशन बघेल के ठिकाने पर ED की छापेमारी, भारतमाला प्रोजेक्ट से जुड़े मामले की आशंका

दुर्ग। छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के तहत दुर्ग की ऋषभ कॉलोनी में बघेल्स कॉर्पोरेट प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक गुलशन बघेल के ठिकाने पर छापेमारी की गई है। जानकारी के मुताबिक, ED की टीम सुबह से मौके पर मौजूद है और विभिन्न दस्तावेजों की जांच कर रही है। कार्रवाई के बाद इलाके में हलचल देखी जा रही है।

बताया जा रहा है कि दो गाड़ियों में पहुंचे ED के दल में 10 से अधिक अधिकारी शामिल हैं। टीम गुलशन बघेल के ठिकाने पर दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। हालांकि, जांच के दौरान किन दस्तावेजों की जांच की जा रही है और कार्रवाई का आधिकारिक आधार क्या है, इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

भारतमाला परियोजना से जुड़े मामले की आशंका

शुरुआती जानकारी में ED की इस कार्रवाई को भारतमाला परियोजना से जुड़े मामले की संभावित जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, प्रवर्तन निदेशालय की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में छापेमारी के कारण और जांच के दायरे को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

कौन हैं गुलशन बघेल?

गुलशन बघेल, बघेल्स कॉर्पोरेट प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक बताए जाते हैं। कंपनी भवन निर्माण, सड़क निर्माण, अर्थवर्क, मटेरियल हैंडलिंग और परिवहन जैसी सेवाओं से जुड़ी है। कंपनी सरकारी और निजी क्षेत्र की निर्माण परियोजनाओं में भी काम करती है।

गुलशन बघेल का नाम करीब छह साल पहले कथित ठगी के एक मामले में भी सामने आया था। आरोप था कि उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भतीजा बताकर एक महिला को सरकारी नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया और उससे ठगी की। उस मामले में पुलिस ने उन्हें पकड़ा था।

हालांकि, पुराने कथित ठगी के मामले और ED की मौजूदा कार्रवाई के बीच किसी संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल ED की जांच जारी है। छापेमारी के पीछे की वजह, जांच के दायरे और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को लेकर एजेंसी के आधिकारिक बयान का इंतजार है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।