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दुर्गापूजा के बीच धनबाद में करीब 1400 किलो नकली पनीर के साथ तीन गिरफ्तार

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 17 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
दुर्गापूजा के बीच धनबाद में करीब 1400 किलो नकली पनीर के साथ तीन गिरफ्तार

दुर्गापूजा के बीच धनबाद में करीब 1400 किलो नकली पनीर के साथ तीन गिरफ्तार, दूसरे राज्य से पनीर लाकर शहर के अलग-अलग जगहों पर किया जा रहा था स्टॉक।

Short Headline: दुर्गापूजा के बीच धनबाद में करीब 1400 किलो नकली पनीर के साथ तीन गिरफ्तार

17 अक्टूबर, धनबाद: धनबाद में दुर्गापूजा के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक साथ शहर के चार ठिकानों पर छापेमारी कर करीब 1400 किलो संदिग्ध पनीर जब्त किया है। इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। छापेमारी पुलिस लाइन के समीप और कार्मिक नगर समेत अलग-अलग स्थानों पर की गई। फिलहाल, जब्त पनीर की गुणवत्ता पर संदेह है और इसकी वास्तविक स्थिति का खुलासा प्रयोगशाला जांच के बाद ही होगा।

त्योहारों का मौसम है, बाजार में मिठाइयों और पनीर की मांग बढ़ रही है। लेकिन इसी बढ़ती मांग के बीच खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका भी लोगों की चिंता बढ़ा रही है। इसी को देखते हुए धनबाद में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ. राजा कुमार के नेतृत्व में विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की।

विभाग को सूचना मिली थी कि दूसरे राज्य से पनीर लाकर शहर के अलग-अलग ठिकानों पर स्टॉक किया जा रहा है। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए पनीर जब्त किया। पनीर के नमूनों की प्रयोगशाला में जांच के बाद ही इसकी वास्तविक गुणवत्ता और मिलावट की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

बाइट- डॉ. राजा कुमार, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, धनबाद

💡 पृष्ठभूमि (Background)

धनबाद में दुर्गापूजा के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग ने चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी करके लगभग 1400 किलो नकली पनीर जब्त किया और तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। यह मामला दिखाता है कि त्योहारों के दौरान नकली और असुरक्षित खाद्य पदार्थों का व्यापार बढ़ता है। खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि नकली पनीर में स्वास्थ्य जोखिम और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन होता है, जिससे उपभोक्ताओं को स्वास्थ्य खतरा हो सकता है। आम जनता पर इसका असर यह है कि लोगों को नकली उत्पादों से बचने के लिए सतर्क रहना पड़ेगा और खाद्य

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।