एआई बेस्ड फूड ग्रेन एनालाइजर किराए पर लेने का मामला:चैटजीपीटी 2022 में, जेमिनी 2023 में आया, यहां AI का 5 साल का अनुभव दिखाकर कंपनियां पास
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →एमपीएमपी स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन किसानों से खरीदे जाने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता जांचने के लिए 4000 तक एआई बेस्ड ऑटोमेटिक फूड ग्रेन एनालाइजर 7 साल के लिए किराए पर लेने जा रहा है। इसके 2026 के टेंडर में निविदाकर्ता से एआई बेस्ड फूड ग्रेन एनालाइजर की सप्लाई, इंस्टॉलेशन और इम्प्लीमेंटेशन का 5 साल का अनुभव मांगा गया।
चैटजीपीटी नवंबर 2022 में लॉन्च हुआ और गूगल का बार्ड, जिसे अब जेमिनी कहा जाता है, 2023 में भारत आया, लेकिन कॉरपोरेशन ने 5 साल का एआई अनुभव दिखाने वाली 5 कंपनियों को तकनीकी बिड में क्वालिफाई कर दिया। दस्तावेजों की पड़ताल में सामने आया कि 5 साल का अनुभव पूरा करने के लिए 2014 से 2021 के बीच सप्लाई किए एनआईआर स्पेक्ट्रोफोटोमीटर, ग्रेन फिजिकल एनालाइजर, ऑटोमेटिक ग्रेन एनालाइजर और ग्रेन ग्रेडिंग डिवाइस के प्रमाण भी लगाए गए।
जबकि उपलब्ध दस्तावेजों में एआई बेस्ड ग्रेन एनालाइजर की सप्लाई का उल्लेख 2023 के ऑर्डर में मिलता है। सवाल यह है कि पुराने जिन उपकरणों को 5 साल के अनुभव में गिना गया, क्या उनमें टेंडर में मांगी गई एआई तकनीक थी?
यदि थी तो उसके प्रमाण क्या हैं? 2023 में एआई एनालाइजर, पुराने उपकरणों से अनुभव अमलिका मर्केन्टाइल ने ओईएम नेबुला इनोवेशन का अनुभव दिया। दस्तावेजों के मुताबिक नेबुला ने जनवरी और सितंबर 2023 में एफसीआई को कुल 400 और नवंबर 2024 में ओडिशा मंडी बोर्ड को 248 एआई बेस्ड एनालाइजर सप्लाई किए।
इससे पुराने रिकॉर्ड में 2020 में राजस्थान मंडी बोर्ड को 136 ग्रेन फिजिकल एनालाइजर, हरियाणा मंडी बोर्ड को 54 ऑटोमेटिक ग्रेन एनालाइजर और 2021 में गुजरात के डायरेक्टोरेट ऑफ फॉरेंसिक साइंस को एक ग्रेन ग्रेडिंग डिवाइस देना शामिल है। फर्टिस इंडिया ने भी नेबुला के अनुभव प्रमाण लगाए। 2014 के एनआईआर का अनुभव भी जोड़ा एयरपे पेमेंट सर्विसेस ने ओईएम ज्यूटैक ओप्टो-इलेक्ट्रॉनिक का अनुभव दिया।
इसमें 2014 में फिक्की रिसर्च एंड एनालिसिस सेंटर, 2018 में पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी तथा 2020 में मदुरा कोट्स और महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ को एनआईआर स्पेक्ट्रोफोटोमीटर सप्लाई करने के प्रमाण हैं। टेंडर में पहले निविदाकर्ता के अनुभव की शर्त थी। बाद में संशोधन कर ओईएम को भी शामिल किया गया।
प्रक्रिया में 7 बार संशोधन हुए।
📡 स्रोत: NewsData.io