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एचआरटीसी पेंशनर्स को 3% डीए की सौगात, 6 नवंबर का धरना स्थगित

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
एचआरटीसी पेंशनर्स को 3% डीए की सौगात, 6 नवंबर का धरना स्थगित

सरकार को अल्टीमेटम, बाकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो फिर सड़कों पर उतरेंगे पेंशनर्स

नवंबर 06, शिमला (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (HRTC) के पेंशनर्स के आंदोलन को फिलहाल सरकार की ओर से मिली 3 प्रतिशत महंगाई भत्ते (DA) की राहत के बाद विराम लग गया है। पेंशनर्स ने 6 नवंबर को प्रस्तावित प्रदेशव्यापी धरने को स्थगित करने का ऐलान किया है। हालांकि, संगठन ने साफ कर दिया है कि यह आंदोलन की समाप्ति नहीं, बल्कि सरकार को दिया गया मौका है।

यदि शेष 5 प्रतिशत डीए, पेंशन रिवीजन एरियर और अन्य लंबित वित्तीय देनदारियों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो पेंशनर्स एक बार फिर आंदोलन का बिगुल फूंकेंगे। संयुक्त संघर्ष समिति एचआरटीसी कल्याण संगठन के महासचिव राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि उनका वर्तमान आंदोलन चल रहा था, लेकिन सरकार ने पेंशनरों को 3% डीए देने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

कुछ मांगों पर सरकार के साथ सहमति बनने पर 6 नवंबर को प्रस्तावित धरना स्थगित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कल शाम को उप मुख्यमंत्री ने निगम अधिकारियों के साथ चर्चा की और अपने फेसबुक पेज के माध्यम से एचआरटीसी पेंशनरों को 3% डीए देने के निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में आज सुबह निगम मुख्यालय पहुंचकर प्रबंध निदेशक और मुख्य लेखाधिकारी से इस बात की पुष्टि की गई।

निगम प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट किया कि पेंशनर्स को 3% डीए दे दिया गया है, जिसके आदेश आज सुबह ही जारी कर दिए गए हैं। यह 3% डीए 1 अक्तूबर 2026 से पेंशन के साथ जुड़कर मिलेगा, यानी इसी महीने की मिलने वाली पेंशन में यह लगकर आएगा। हालांकि, शेष 5% डीए के बारे में अभी कर्मचारियों या पेंशनर्स को देने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

​उन्होंने कहा कि पहले मेडिकल अलाउंस के लिए प्रदेश सरकार ने 20 करोड़ रुपए जारी किए थे, लेकिन कुछ यूनिट्स में 31 मार्च 2026 की कट-ऑफ डेट पूरी नहीं हुई थी। संगठन ने सभी डिपो में एक समान कट-ऑफ डेट (31/3/2026) स्पष्ट करने का अनुरोध किया है, जिस पर दीपावली से पहले इसे क्लियर करने का आश्वासन मिला है।

वहीं राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि जुलाई 2025 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को पेंशन नहीं मिल रही थी। इस पर आश्वासन मिला है कि जिन 40 लोगों ने निगम प्रबंधन को कम्यूटेशन न लेने का विकल्प दिया है, उनकी पेंशन इसी महीने लगा दी जाएगी। दीपावली से पहले पेंशन और वेतन के संबंध में स्पष्ट किया गया कि सरकार की ओर से वेतन के लिए 38 करोड़ और पेंशन के लिए 20 करोड़ रुपए की ग्रांट आ चुकी है, जो दीपावली से पहले मिल जाएगी।

उन्होंने कहा कि इन तमाम चर्चाओं के बाद जॉइंट एक्शन कमेटी के सदस्यों के बीच विचार-मंथन हुआ। संगठन ने 3% डीए जारी किए जाने पर माननीय मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और निगम प्रबंधन का धन्यवाद किया। साथ ही यह मांग रखी कि शेष 5% डीए पर भी जल्द निर्णय लिया जाए और जब भी इसकी घोषणा हो, तो कर्मचारियों और पेंशनरों को एक साथ यह लाभ दिया जाए।

3% डीए की तरह पेंशनरों के साथ आगे कोई भेदभाव न किया जाए। त्यौहार के सीजन को ध्यान में रखते हुए संगठन ने फिलहाल अपने इस वर्तमान आंदोलन को स्थगित (टाल) करने का निर्णय लिया है। महासचिव राजेंद्र ठाकुर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 5% डीए देने के मामले में पेंशनरों के साथ फिर से कोई भेदभाव किया गया, तो यह स्थगित किया गया आंदोलन दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।

इसके साथ ही, उन्होंने संगठन का साथ देने और धैर्य बनाए रखने के लिए समस्त एचआरटीसी पेंशनर्स का आभार व्यक्त किया। ​उन्होंने कहा कि सरकार और निगम प्रबंधन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा गया कि अभी कई अन्य मसले भी शेष हैं। प्रदेश सरकार ने अपने पेंशनरों के लिए पेंशन रिवीजन का एरियर लगभग क्लियर कर दिया है और पिछली सरकारों के समय 50-50 हजार रुपए की किस्तें भी जारी कर दी गई थीं, लेकिन एचआरटीसी पेंशनरों को ये ड्यूज अभी तक नहीं मिले हैं।

संगठन ने मांग की है कि प्रदेश सरकार के अन्य पेंशनरों की तर्ज पर एचआरटीसी पेंशनरों को भी सभी ड्यूज 'एट पार' (समान रूप से) दिए जाएं, अन्यथा आने वाले समय में इसके विरोध में प्रदर्शन फिर से जारी रहेगा और एचआरटीसी पेंशनरों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

​बाइट: राजेंद्र ठाकुर, महासचिव, संयुक्त संघर्ष समिति एचआरटीसी पेंशनर कल्याण संगठन

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।